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दिल्ली से लौटी महिला का छठे दिन पोस्टमार्टम, परिवार को सौंपा शव
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सीतापुर। दिल्ली से लौट रही महिला की सफर के दौरान मौत के बाद गुरुवार को छठे दिन उसका पोस्टमार्टम हो सका। पहले महिला और फिर साथ में आए परिवारीजनों की कोरोना रिपोर्ट आने में वक्त लगने से पोस्टमार्टम की कार्रवाई अब हो सकी।
महोली के बड़ागांव की रहने वाली एक महिला दिल्ली से पति, बेटा, दामाद, बेटी समेत दस लोगों के साथ पिकअप से घर आ रही थी। रास्ते में सफर के दौरान महिला की मौत हो गई थी। 13 जून की सुबह महोली पहुंचने पर कोरोना की आशंका में शव को मर्च्युरी पर रखवाया गया और साथ में आए सभी लोगों को चड़रा आश्रय स्थल में क्वारंटीन किया गया। 14 जून को महिला की कोरोना जांच के लिए स्वॉब भेजा गया।
15 जून को रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मृतका के साथ में आए सभी नौ लोगों का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा। 17 जून की रात सभी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर 18 को क्वारंटीन सेंटर से परिवारीजनों को छोड़ा गया। क्वारंटीन से मुक्त होने के बाद परिवार के लोग सीधे मर्च्युरी पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद छठे दिन शव उनके हवाले किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत की वजह फेफड़े की बीमारी से होना पाया गया है।
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सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि पहले मृतका की कोरोना जांच कराई गई, फिर एहतियात के तौर साथ में आए परिवारीजनों की। सभी की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने पर गुरुवार को महिला का पोस्टमार्टम कराया गया। महिला के सभी परिवारीजन क्वारंटीन थे, ऐसे में यदि पोस्टमार्टम करा देते तो शव आखिर किसे सौंपा जाता? इसी वजह के चलते पोस्टमार्टम में देरी हुई है।
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महोली के बड़ागांव की रहने वाली एक महिला दिल्ली से पति, बेटा, दामाद, बेटी समेत दस लोगों के साथ पिकअप से घर आ रही थी। रास्ते में सफर के दौरान महिला की मौत हो गई थी। 13 जून की सुबह महोली पहुंचने पर कोरोना की आशंका में शव को मर्च्युरी पर रखवाया गया और साथ में आए सभी लोगों को चड़रा आश्रय स्थल में क्वारंटीन किया गया। 14 जून को महिला की कोरोना जांच के लिए स्वॉब भेजा गया।
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15 जून को रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मृतका के साथ में आए सभी नौ लोगों का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा। 17 जून की रात सभी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर 18 को क्वारंटीन सेंटर से परिवारीजनों को छोड़ा गया। क्वारंटीन से मुक्त होने के बाद परिवार के लोग सीधे मर्च्युरी पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद छठे दिन शव उनके हवाले किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत की वजह फेफड़े की बीमारी से होना पाया गया है।
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सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि पहले मृतका की कोरोना जांच कराई गई, फिर एहतियात के तौर साथ में आए परिवारीजनों की। सभी की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने पर गुरुवार को महिला का पोस्टमार्टम कराया गया। महिला के सभी परिवारीजन क्वारंटीन थे, ऐसे में यदि पोस्टमार्टम करा देते तो शव आखिर किसे सौंपा जाता? इसी वजह के चलते पोस्टमार्टम में देरी हुई है।