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Sitapur News: अभिभावकों ने नहीं दिखाई रुचि, 4682 सीटें खाली
Sun, 29 Mar 2026 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:30 AM IST
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सीतापुर। निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम में अभिभावकों ने खासी रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से आखिरी चरण पूरा होने के बाद भी 4682 सीटें खाली रह गईं।
तीसरे चरण की आखिरी लॉटरी शनिवार को खुली तो 372 नौनिहालों को प्रवेश मिला। अब तक हुए सभी चरणों में 1318 नौनिहालों को मनचाहे विद्यालय में दाखिला मिल गया है। लॉटरी निकलने के बाद एक अप्रैल से पहले इन सभी की औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए प्रवेश दिलाया जाएगा।
जनवरी 2026 से आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया अपनाई गई। पहले चरण में 623 नौनिहालों को दाखिला मिला। इस चरण में सबसे अधिक दाखिले की मारामारी थी। जब यह चरण पूरा हो गया तो बेहतर स्कूलों में सीटें फुल हो गई। दूसरे चरण में केवल 323 नौनिहालों ने ही अपने पसंद के विद्यालय को चुना।
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मार्च माह में तीसरे चरण की प्रक्रिया हुई। शनिवार को इस चरण की लॉटरी निकली। इसमें 372 नौनिहालों को सीटें मिलीं। इन तीनों चरण में छह हजार सीटों के सापेक्ष 4500 नौनिहालों ने आवेदन किए थे। लक्ष्य के सापेक्ष करीब 1500 आवेदन कम आए। इन आवेदन पत्रों की जांच हुई तो इसमें 3182 आवेदन रिजेक्ट हो गए।
अधिकतर अभिभावकों ने मानकों का ख्याल नहीं रखा। बच्चा जिस वार्ड में रहता है उसी वार्ड में आवेदन होना चाहिए लेकिन अभिभावकों ने दूरदराज के बेहतर विद्यालयों में आवेदन कर दिया। जांच में यह रिजेक्ट हो गया।
इसी तरह तमाम अभिभावकों ने अपना आय प्रमाणपत्र दो लाख से अधिक का लगा दिया। इन सब कारणों के चलते उनके आवेदनों को नामंजूर कर दिया गया।
सभी चरण पूरे
तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया अपनाई गई। सभी चरणों पूरे हो गए हैं। 1318 नौनिहालों को दाखिला मिला है। एक अप्रैल से सभी बच्चे अपने-अपने विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू कर देंगे।
अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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तीसरे चरण की आखिरी लॉटरी शनिवार को खुली तो 372 नौनिहालों को प्रवेश मिला। अब तक हुए सभी चरणों में 1318 नौनिहालों को मनचाहे विद्यालय में दाखिला मिल गया है। लॉटरी निकलने के बाद एक अप्रैल से पहले इन सभी की औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए प्रवेश दिलाया जाएगा।
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जनवरी 2026 से आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया अपनाई गई। पहले चरण में 623 नौनिहालों को दाखिला मिला। इस चरण में सबसे अधिक दाखिले की मारामारी थी। जब यह चरण पूरा हो गया तो बेहतर स्कूलों में सीटें फुल हो गई। दूसरे चरण में केवल 323 नौनिहालों ने ही अपने पसंद के विद्यालय को चुना।
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मार्च माह में तीसरे चरण की प्रक्रिया हुई। शनिवार को इस चरण की लॉटरी निकली। इसमें 372 नौनिहालों को सीटें मिलीं। इन तीनों चरण में छह हजार सीटों के सापेक्ष 4500 नौनिहालों ने आवेदन किए थे। लक्ष्य के सापेक्ष करीब 1500 आवेदन कम आए। इन आवेदन पत्रों की जांच हुई तो इसमें 3182 आवेदन रिजेक्ट हो गए।
अधिकतर अभिभावकों ने मानकों का ख्याल नहीं रखा। बच्चा जिस वार्ड में रहता है उसी वार्ड में आवेदन होना चाहिए लेकिन अभिभावकों ने दूरदराज के बेहतर विद्यालयों में आवेदन कर दिया। जांच में यह रिजेक्ट हो गया।
इसी तरह तमाम अभिभावकों ने अपना आय प्रमाणपत्र दो लाख से अधिक का लगा दिया। इन सब कारणों के चलते उनके आवेदनों को नामंजूर कर दिया गया।
सभी चरण पूरे
तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया अपनाई गई। सभी चरणों पूरे हो गए हैं। 1318 नौनिहालों को दाखिला मिला है। एक अप्रैल से सभी बच्चे अपने-अपने विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू कर देंगे।
अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए