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15 दिन में ही ठप हो गया ऑक्सीजन प्लांट
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जिला अस्पताल में खराब पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट दिखावा बनकर रह गया है। पीएम केयर फंड से लगा प्लांट महज 15 दिन ही चल सका। प्लांट लगने के बाद दो सप्ताह ही इसकी सेवाएं मिल सकी, उसके बाद प्लांट में एकाएक खराबी आ गई। काफी प्रयास के बाद भी यह बन नहीं सका है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही है। कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर जारी हुए अलर्ट के बीच अगर ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ गई तो मरीजों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट के बाद जिले में ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया था। इस प्लांट के लगने के बाद करीब 20 लाख की लागत से पूरे अस्पताल परिसर में पाइप लाइन बिछाई गई थी। इस पाइप लाइन के जरिए मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही थी। लेकिन यह सुविधा जिला अस्पताल में ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकी। प्लांट चलने के 15 दिन बाद ही यह खराब हो गया।
ऐसे में मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत न हो, फिर से सिलिंडर से ऑक्सीजन देने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अलावा ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के माध्यम से मरीज को ऑक्सीजन दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने कोरोना के नए वायरस ओमिक्रॉन को लेकर अलर्ट जारी किया है तो आने वाले दिनों में दिक्कतें बढ़ सकती है। अगर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई तो डिमांड अधिक होने से ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो सकता है।
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बनवाया जा रहा है प्लांट
प्लांट खराब होने के बाद इंजीनियर को बुलाया गया था, सूरत से उपकरणों के पार्ट्स भी आ गए हैं। लेकिन प्लांट सही नहीं हो पा रहा है। इंजीनियर प्लांट को बनाने में जुटे हुए हैं। अस्पताल में तब तक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के माध्यम से जरूरत पूरी की जा रही है।
डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट के बाद जिले में ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया था। इस प्लांट के लगने के बाद करीब 20 लाख की लागत से पूरे अस्पताल परिसर में पाइप लाइन बिछाई गई थी। इस पाइप लाइन के जरिए मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही थी। लेकिन यह सुविधा जिला अस्पताल में ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकी। प्लांट चलने के 15 दिन बाद ही यह खराब हो गया।
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ऐसे में मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत न हो, फिर से सिलिंडर से ऑक्सीजन देने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अलावा ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के माध्यम से मरीज को ऑक्सीजन दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने कोरोना के नए वायरस ओमिक्रॉन को लेकर अलर्ट जारी किया है तो आने वाले दिनों में दिक्कतें बढ़ सकती है। अगर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई तो डिमांड अधिक होने से ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो सकता है।
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बनवाया जा रहा है प्लांट
प्लांट खराब होने के बाद इंजीनियर को बुलाया गया था, सूरत से उपकरणों के पार्ट्स भी आ गए हैं। लेकिन प्लांट सही नहीं हो पा रहा है। इंजीनियर प्लांट को बनाने में जुटे हुए हैं। अस्पताल में तब तक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के माध्यम से जरूरत पूरी की जा रही है।
डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस