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Sitapur News: कोर्ट परिसर में चाइनीज मांझे से उल्लू घायल
Fri, 15 Nov 2024 09:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 15 Nov 2024 09:00 PM IST
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सीतापुर। शहर में अवैध रूप से बिक रहा चीन निर्मित पक्षियों के लिए बड़ी दिक्कत बन गया है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने प्रशासन को पत्र लिखा है। उन्होंने जिला प्रशासन को अभियान चलाकर इसे रोकने की मांग की है।
शहर स्थित कोर्ट परिसर में गेट नंबर पांच के पास एक उल्लू अपर जिला जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी को घायल हालत में पड़ा मिला। उल्लू का पैर कटा था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर उल्लू का इलाज कराया।
इससे पूर्व भी उनके कार्यालय के पास ही एक और उल्लू घायल हालत में मिला था। उसका भी एक पैर कटा था। जब चिकित्सक इलाज करने आए तो पता चला कि चीन निर्मित मांझा फंसने के कारण उल्लू का पैर कट गया था। दोनों का ही इलाज कराते हुए अपर जिला जज ने पक्षियों को वन विभाग के हवाले कर दिया। उन्होंने बताया कि चीन निर्मित मांझे के कारण ही दोनों को यह समस्या हुई है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चीन निर्मित मांझे की बिक्री को बंद कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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कोर्ट परिसर में पेड़ों पर निवास करते हैं उल्लू
बता दें कि कोर्ट परिसर में पुराने व घने पेड़ लगे हुए हैं। यह पेड़ उल्लुओं के लिए अनुकूल निवास हैं। इसलिए वह यहां बड़ी संख्या में निवास करते हैं। वहीं, चीन निर्मित मांझा इन उल्लुओं के लिए खतरा बना हुआ है। जब उल्लू कोर्ट परिसर में उड़ने का प्रयास करते हैं तो उसकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैं।
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शहर स्थित कोर्ट परिसर में गेट नंबर पांच के पास एक उल्लू अपर जिला जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी को घायल हालत में पड़ा मिला। उल्लू का पैर कटा था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर उल्लू का इलाज कराया।
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इससे पूर्व भी उनके कार्यालय के पास ही एक और उल्लू घायल हालत में मिला था। उसका भी एक पैर कटा था। जब चिकित्सक इलाज करने आए तो पता चला कि चीन निर्मित मांझा फंसने के कारण उल्लू का पैर कट गया था। दोनों का ही इलाज कराते हुए अपर जिला जज ने पक्षियों को वन विभाग के हवाले कर दिया। उन्होंने बताया कि चीन निर्मित मांझे के कारण ही दोनों को यह समस्या हुई है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चीन निर्मित मांझे की बिक्री को बंद कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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कोर्ट परिसर में पेड़ों पर निवास करते हैं उल्लू
बता दें कि कोर्ट परिसर में पुराने व घने पेड़ लगे हुए हैं। यह पेड़ उल्लुओं के लिए अनुकूल निवास हैं। इसलिए वह यहां बड़ी संख्या में निवास करते हैं। वहीं, चीन निर्मित मांझा इन उल्लुओं के लिए खतरा बना हुआ है। जब उल्लू कोर्ट परिसर में उड़ने का प्रयास करते हैं तो उसकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैं।