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Sitapur News: अब एमडीएम का स्वाद पहले प्रधानाध्यापक चखेंगे
Sat, 09 May 2026 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 09 May 2026 11:43 PM IST
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सीतापुर। लहरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय तारनपुर में मध्यान्ह भोजन में कीड़े मिलने की घटना के बाद अफसर संजीदा हो गए हैं। स्कूल में बने एमडीएम का पहले स्वाद प्रधानाध्यापक व विद्यालय का कोई शिक्षक चखेगा। उसके बाद ही नौनिहालों को दिया जाएगा। विद्यालय समय तक एमडीएम का नमूना सुरक्षित रखा जाएगा।
यह अगले दिन विद्यालय खुलने पर ही फेंका जाएगा। प्रधानाध्यापकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह एमडीएम को लेकर बेहद सावधानी बरतें। शिकायत व निरीक्षण के समय मानक न मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को रोजाना दोपहर का भोजन दिया जाता है। भोजन पकवाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक व विद्यालय प्रबंध समिति की होती है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय तारनपुर में बुधवार को मध्यान्ह भोजन में तहरी दी गई थी। तहरी में कीड़ा निकला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बीएसए ने प्रभारी प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया था। घटना के बाद से प्रधानाध्यापकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके जरिये बीएसए ने कहा कि भोजन पकने के बाद सबसे पहले प्रधानाध्यापक व शिक्षक स्वाद चखेंगे। इस दौरान अगर भोजन में कोई कमी मिलती है तो उसे सही करवाएंगे। इसके बाद ही नौनिहालों को भोजन दिया जाएगा। विद्यालय में अगर दाल, रोटी व सब्जी बनी है तो सभी का नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखा जाएगा।
अफसरों के निरीक्षण के समय इसकी गुणवत्ता परखी जाएगी। बारिश के समय सोयाबीन में कीड़े होने की संभावना उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में एहतियात तौर पर जिम्मेदार मौसमी सब्जियों का वैकल्पिक तौर पर प्रयोग कर सकते हैं। नौनिहालों को हर हाल में गुणवत्तापरक भोजन ही दिया जाए।
गांव से मंगवाया गया था सोयाबीन
एमडीएम बनवाने में प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश हैं कि वह ब्रांडेड सामग्री ही प्रयोग करें। तारनपुर में हुई घटना में निकलकर सामने आया है कि सोयाबीन को गांव से ही नान ब्रांडेड मंगवाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की दुकानों पर व्यापारी सोयाबीन की पूरी बोरी खरीदकर लाते है। इसे बिकने में दो से तीन माह का समय लग जाता है। बारिश में सीलन व अन्य वजहों से कीड़े हो जाते है। विद्यालय में 300 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इस पर प्रधानाध्यापकों से कहा गया है कि भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
ब्रांडेड मसाले करें प्रयोग
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक ब्रांडेड मसाले उपयोग करें। नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखें। नौनिहालों को गुणवत्तापरक भोजन ही दिया जाए। जो भी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यह अगले दिन विद्यालय खुलने पर ही फेंका जाएगा। प्रधानाध्यापकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह एमडीएम को लेकर बेहद सावधानी बरतें। शिकायत व निरीक्षण के समय मानक न मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को रोजाना दोपहर का भोजन दिया जाता है। भोजन पकवाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक व विद्यालय प्रबंध समिति की होती है।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय तारनपुर में बुधवार को मध्यान्ह भोजन में तहरी दी गई थी। तहरी में कीड़ा निकला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बीएसए ने प्रभारी प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया था। घटना के बाद से प्रधानाध्यापकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके जरिये बीएसए ने कहा कि भोजन पकने के बाद सबसे पहले प्रधानाध्यापक व शिक्षक स्वाद चखेंगे। इस दौरान अगर भोजन में कोई कमी मिलती है तो उसे सही करवाएंगे। इसके बाद ही नौनिहालों को भोजन दिया जाएगा। विद्यालय में अगर दाल, रोटी व सब्जी बनी है तो सभी का नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखा जाएगा।
अफसरों के निरीक्षण के समय इसकी गुणवत्ता परखी जाएगी। बारिश के समय सोयाबीन में कीड़े होने की संभावना उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में एहतियात तौर पर जिम्मेदार मौसमी सब्जियों का वैकल्पिक तौर पर प्रयोग कर सकते हैं। नौनिहालों को हर हाल में गुणवत्तापरक भोजन ही दिया जाए।
गांव से मंगवाया गया था सोयाबीन
एमडीएम बनवाने में प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश हैं कि वह ब्रांडेड सामग्री ही प्रयोग करें। तारनपुर में हुई घटना में निकलकर सामने आया है कि सोयाबीन को गांव से ही नान ब्रांडेड मंगवाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की दुकानों पर व्यापारी सोयाबीन की पूरी बोरी खरीदकर लाते है। इसे बिकने में दो से तीन माह का समय लग जाता है। बारिश में सीलन व अन्य वजहों से कीड़े हो जाते है। विद्यालय में 300 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इस पर प्रधानाध्यापकों से कहा गया है कि भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
ब्रांडेड मसाले करें प्रयोग
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक ब्रांडेड मसाले उपयोग करें। नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखें। नौनिहालों को गुणवत्तापरक भोजन ही दिया जाए। जो भी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।