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गेेस्ट हाउसों में पार्किंग नहीं, जाम से परेशान
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सीतापुर। शहर में बिना पार्किंग के संचालित गेस्ट हाउस राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। इन गेस्ट हाउस में आने वाले लोग अपने चार पहिया व दो पहिया वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। बरातियों के डांस के बीच सड़क से निकलने वाले वाहन घंटों जाम फंसे रहते हैं। ऐसे में गेस्ट हाउस संचालक और कार्यक्रम के आयोजकों के साथ ही प्रशासनिक जिम्मेदार भी लोगों की इस समस्या पर ध्यान नहीं देते।
सीतापुर शहर में लगभग आधा सैकड़ा से अधिक गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। जिनमें कुछ गेस्ट हाउस को छोड़कर अधिकांश के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में इन गेस्ट हाउस में आने वाले लोग अपने वाहन बिना किसी रोकटोक के सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े कर देते हैं।
जिसके बाद यह लोग सड़क पर जाम की समस्या को भूल कर पार्टी का आनंद देने में जुट जाते हैं। शहर में संचालित कुछ नए गेस्ट हाउस का नक्शा पास कराया गया है। जिनमें पार्किंग दिखाई गई है, जिसका काफी हद तक कार्यक्रमों के दौरान उपयोग भी किया जाता है। इसके विपरीत शहर के अधिकांश गेस्ट हाउस काफी पुराने हैं, जिनका कोई नक्शा तक पास नहीं है।
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इन गेस्ट हाउस के संचालकों ने मानकों को दरकिनार कर नगर पालिका से अनुमति ले रखी है। इन गेस्ट हाउसों में सुरक्षा के भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए तो उसके बचाव के लिए भी यहां पर कोई संसाधन मौजूद नहीं हैं। फिलहाल प्रशासनिक लापरवाही के चलते गेस्ट हाउस संचालक पूरी मनमानी करते हैं और उसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ता है।
पांच वर्ष में केवल तीन गेस्ट हाउस के नक्से पास
एक जानकारी में पता चला है कि पिछले पांच वर्षों में शहर में केवल तीन गेस्ट हाउस निर्माण के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से नक्शे पास कराए गए हैं। इनमें गेस्ट हाउस के अंदर पार्किंग की सुविधा दी गई है। लेकिन अगर देखा जाए तो इन पांच सालों में शहर में लगभग एक दर्जन नए गेस्ट हाउस बने और उनका संचालन शुरू हो गया है।
इन गेस्ट हाउस का कोई नक्शा नहीं पास कराया गया और न ही इनके पास पार्किंग की कोई जगह है। इन गेस्ट हाउस के संचालकों ने महज नगर पालिका से अनुमति लेकर धड़ल्ले से संचालन कर रहे हैं।
ईओ का नहीं उठा फोन
बिना नक्शा पास कराए और पार्किंग विहीन गेस्ट हाउसों के संचालन की अनुमति को लेकर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी वैभव त्रिपाठी से बात करने का प्रयास किया गया। कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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सीतापुर शहर में लगभग आधा सैकड़ा से अधिक गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। जिनमें कुछ गेस्ट हाउस को छोड़कर अधिकांश के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में इन गेस्ट हाउस में आने वाले लोग अपने वाहन बिना किसी रोकटोक के सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े कर देते हैं।
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जिसके बाद यह लोग सड़क पर जाम की समस्या को भूल कर पार्टी का आनंद देने में जुट जाते हैं। शहर में संचालित कुछ नए गेस्ट हाउस का नक्शा पास कराया गया है। जिनमें पार्किंग दिखाई गई है, जिसका काफी हद तक कार्यक्रमों के दौरान उपयोग भी किया जाता है। इसके विपरीत शहर के अधिकांश गेस्ट हाउस काफी पुराने हैं, जिनका कोई नक्शा तक पास नहीं है।
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इन गेस्ट हाउस के संचालकों ने मानकों को दरकिनार कर नगर पालिका से अनुमति ले रखी है। इन गेस्ट हाउसों में सुरक्षा के भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए तो उसके बचाव के लिए भी यहां पर कोई संसाधन मौजूद नहीं हैं। फिलहाल प्रशासनिक लापरवाही के चलते गेस्ट हाउस संचालक पूरी मनमानी करते हैं और उसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ता है।
पांच वर्ष में केवल तीन गेस्ट हाउस के नक्से पास
एक जानकारी में पता चला है कि पिछले पांच वर्षों में शहर में केवल तीन गेस्ट हाउस निर्माण के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से नक्शे पास कराए गए हैं। इनमें गेस्ट हाउस के अंदर पार्किंग की सुविधा दी गई है। लेकिन अगर देखा जाए तो इन पांच सालों में शहर में लगभग एक दर्जन नए गेस्ट हाउस बने और उनका संचालन शुरू हो गया है।
इन गेस्ट हाउस का कोई नक्शा नहीं पास कराया गया और न ही इनके पास पार्किंग की कोई जगह है। इन गेस्ट हाउस के संचालकों ने महज नगर पालिका से अनुमति लेकर धड़ल्ले से संचालन कर रहे हैं।
ईओ का नहीं उठा फोन
बिना नक्शा पास कराए और पार्किंग विहीन गेस्ट हाउसों के संचालन की अनुमति को लेकर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी वैभव त्रिपाठी से बात करने का प्रयास किया गया। कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।