{"_id":"61b24e3ca89cb8363d3001d7","slug":"naimish-chakratirth-will-be-developed-as-a-corridor-sitapur-news-lko608220591","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा नैमिष चक्रतीर्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा नैमिष चक्रतीर्थ
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में साधु-संतों के साथ बैठक करते डीएम विशाल भारद्वाज। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। नैमिषारण्य-मिश्रिख के समेकित पर्यटन विकास के लिए 19.5 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण कार्य योजना स्वीकृत की गई हैं। इससे चक्रतीर्थ को कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। राजघाट पर आरती स्थल व मंडप बनेगा। मिश्रिख के सीताकुंड का सौंदर्यीकरण होगा। यह कार्य शीघ्र ही शुरू किए जाएंगे।
चयनित क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए डीएम विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। उन्होंने दीर्घकालिक व सतत विकास के लिए सभी बिन्दुओं पर विचार विमर्श कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनीवर्सिटी के आर्किटेक्ट फैकल्टी व अर्बन प्लानर राहुल जादौन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से क्षेत्र के दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास के लिए प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।
डीएम ने नैमिषारण्य-मिश्रिख क्षेत्र में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के महानुभावों द्वारा प्रस्तुत किए गए विचारों को योजना में शामिल करते हुए संपूर्ण योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास कई चरणों में कराने के क्रम में सर्वप्रथम मौलिक सुविधाओं जैसे शुद्ध पेयजल, विद्युत, प्रकाश, प्रसाधन, आवागमन आदि सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से अनेक कार्य भी क्षेत्र में कराए जाएंगे।
विज्ञापन
बैठक में महंत भरत दास, महंत संतोष दास खाकी, राजनारायण पांडेय, जगदंबा प्रसाद दीक्षित, मनीष शास्त्री, विवेक शास्त्री, पं. राहुल शर्मा, एसडीएम एमके त्रिपाठी, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा नुजहत परवीन सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बोले...
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने पर्यटन विभाग द्वारा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नौ करोड़ से नैमिष चक्रतीर्थ को कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। 9.25 करोड़ से राजघाट पर छूटे हुए पैच कार्य को पूर्ण किया जाएगा। आरती स्थल और मंडप बनाकर घाट को सुुुंदर रूप दिया जाना है। जबकि मिश्रिख में सीताकुंड को आधुनिक रूप से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए 1.25 करोड़ की कार्य योजना स्वीकृत की गई है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा।
परिक्रमा मार्ग के पड़ावों को मिलेगा भव्य रूप
चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण व चौड़ीकरण कराने के साथ ही विभिन्न पड़ावों को भव्य रूप देने पर चर्चा की गई। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुलभ प्रसाधन, यात्री शेड का निर्माण, पेयजल की सुविधा, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नैमिषारण्य-मिश्रिख क्षेत्र में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के महानुभावों ने क्षेत्र के विकास के संबंध में विचार रखे। उनके द्वारा क्षेत्र की ऐतिहासिकता व पौराणिकता के साथ मौलिक विकास को कराते हुए योजना को अंतिम रूप दिए जाने पर बल दिया गया।
विज्ञापन
चयनित क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए डीएम विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। उन्होंने दीर्घकालिक व सतत विकास के लिए सभी बिन्दुओं पर विचार विमर्श कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनीवर्सिटी के आर्किटेक्ट फैकल्टी व अर्बन प्लानर राहुल जादौन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से क्षेत्र के दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास के लिए प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।
विज्ञापन
डीएम ने नैमिषारण्य-मिश्रिख क्षेत्र में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के महानुभावों द्वारा प्रस्तुत किए गए विचारों को योजना में शामिल करते हुए संपूर्ण योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास कई चरणों में कराने के क्रम में सर्वप्रथम मौलिक सुविधाओं जैसे शुद्ध पेयजल, विद्युत, प्रकाश, प्रसाधन, आवागमन आदि सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से अनेक कार्य भी क्षेत्र में कराए जाएंगे।
विज्ञापन
बैठक में महंत भरत दास, महंत संतोष दास खाकी, राजनारायण पांडेय, जगदंबा प्रसाद दीक्षित, मनीष शास्त्री, विवेक शास्त्री, पं. राहुल शर्मा, एसडीएम एमके त्रिपाठी, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा नुजहत परवीन सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बोले...
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने पर्यटन विभाग द्वारा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नौ करोड़ से नैमिष चक्रतीर्थ को कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। 9.25 करोड़ से राजघाट पर छूटे हुए पैच कार्य को पूर्ण किया जाएगा। आरती स्थल और मंडप बनाकर घाट को सुुुंदर रूप दिया जाना है। जबकि मिश्रिख में सीताकुंड को आधुनिक रूप से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए 1.25 करोड़ की कार्य योजना स्वीकृत की गई है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा।
परिक्रमा मार्ग के पड़ावों को मिलेगा भव्य रूप
चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण व चौड़ीकरण कराने के साथ ही विभिन्न पड़ावों को भव्य रूप देने पर चर्चा की गई। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुलभ प्रसाधन, यात्री शेड का निर्माण, पेयजल की सुविधा, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नैमिषारण्य-मिश्रिख क्षेत्र में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के महानुभावों ने क्षेत्र के विकास के संबंध में विचार रखे। उनके द्वारा क्षेत्र की ऐतिहासिकता व पौराणिकता के साथ मौलिक विकास को कराते हुए योजना को अंतिम रूप दिए जाने पर बल दिया गया।