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चार गांवों में फैला वायरल बुखार सौ से अधिक बीमार
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रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद अब संक्रामक रोग तेजी से फैल रहा है। चार गांवों में 100 से अधिक लोग बीमार हो गए है। इन गांवों में न तो फागिंग हुई है और न ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई टीम पहुंची है। इससे गांवों के हालात खराब हो रहे है।
बिसवां तहसील के 34 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित थे। अब नदियों का जलस्तर कम हो गया है। नदियां धीरे-धीरे अपनी सीमा में पहुंच रही हैं। इससे ग्रामीणों को राहत मिली है। लेकिन संक्रामक रोगों ने मुसीबतें बढ़ा दी है। जिलाधिकारी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजने के निर्देश दिए थे। डीएम का यह निर्देश हवा हवाई साबित हुआ। इससे हालात खराब होते जा रहे है।
चार गांवों में 100 से अधिक लोग बीमार हो गए है। जंगलटपरी में इरफान, राजू, नूरजहां, अली अहमद, मैनेजर, रामकेशन बुखार की चपेट में आकर परेशान है। वह झोलाछाप से इलाज करा रहे है। नया निर्मलपुरवा में विकास, अग्रसेन, रामपाल, बृजेश, लालाराम व सोबरनलाल बीमार है।
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दुर्गापुरवा में मुलायम, राजितराम, बलराम, अनिल, रामकिशोर बीमार है। आशारामपुरवा में कैलाश, जवाहर, अनुज, अनिल, पटवारी व हरिहर बीमार चल रहे है। ग्रामीणों का कहना है जलस्तर घटने के बाद कीचड़ हो गया है। इससे मच्छर पनप रहे है। इन मच्छरों की वजह से डेंगू व मलेरिया भी फैल रहा है। गांवों में फागिंग नहीं हो रही है। न ही टीमें आ रही है। इससे लोगों को इलाज कराना मुश्किल हो रहा है।
दी जा रही है दवाइयां
संक्रामक रोगों से निपटने के लिए तीन मोबाइल टीमें गठित की गई है। ये टीमें रोजाना गांवों को जा रही है। लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उनको दवाइयां दी जा रही है।
- डॉ. अनूप पांडेय, सीएचसी अधीक्षक, रेउसा
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बिसवां तहसील के 34 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित थे। अब नदियों का जलस्तर कम हो गया है। नदियां धीरे-धीरे अपनी सीमा में पहुंच रही हैं। इससे ग्रामीणों को राहत मिली है। लेकिन संक्रामक रोगों ने मुसीबतें बढ़ा दी है। जिलाधिकारी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजने के निर्देश दिए थे। डीएम का यह निर्देश हवा हवाई साबित हुआ। इससे हालात खराब होते जा रहे है।
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चार गांवों में 100 से अधिक लोग बीमार हो गए है। जंगलटपरी में इरफान, राजू, नूरजहां, अली अहमद, मैनेजर, रामकेशन बुखार की चपेट में आकर परेशान है। वह झोलाछाप से इलाज करा रहे है। नया निर्मलपुरवा में विकास, अग्रसेन, रामपाल, बृजेश, लालाराम व सोबरनलाल बीमार है।
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दुर्गापुरवा में मुलायम, राजितराम, बलराम, अनिल, रामकिशोर बीमार है। आशारामपुरवा में कैलाश, जवाहर, अनुज, अनिल, पटवारी व हरिहर बीमार चल रहे है। ग्रामीणों का कहना है जलस्तर घटने के बाद कीचड़ हो गया है। इससे मच्छर पनप रहे है। इन मच्छरों की वजह से डेंगू व मलेरिया भी फैल रहा है। गांवों में फागिंग नहीं हो रही है। न ही टीमें आ रही है। इससे लोगों को इलाज कराना मुश्किल हो रहा है।
दी जा रही है दवाइयां
संक्रामक रोगों से निपटने के लिए तीन मोबाइल टीमें गठित की गई है। ये टीमें रोजाना गांवों को जा रही है। लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उनको दवाइयां दी जा रही है।
- डॉ. अनूप पांडेय, सीएचसी अधीक्षक, रेउसा