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Sitapur News: मिशन स्कूल का प्रबंधन पहुंचा हाईकोर्ट, 20 तक यथास्थिति का आदेश
Tue, 14 Jul 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:02 AM IST
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सीतापुर। सिविल लाइंस स्थित मिशन स्कूल की 3.562 हेक्टेयर नजूल भूमि को प्रशासन द्वारा कब्जे में लेने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।स्कूल प्रबंधन की याचिका पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 20 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी न्यायालय ने मेथोडिस्ट मिशन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल की 3.562 हेक्टेयर नजूल भूमि का पट्टा निरस्त कर दिया था। डीएम कोर्ट के आदेश के बाद राजस्वकर्मियों ने स्कूल की दीवार पर 34 पन्नों का नोटिस चस्पा किया था। विद्यालय प्रबंधन ने भूमि पर अपना स्वामित्व साबित करने के लिए वर्ष 1862 का एक कथित क्रय विलेख (सेल डीड) प्रस्तुत कर दावा किया था कि यह उनकी फ्री होल्ड संपत्ति है। इसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नजूल भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है। इस पर अंतिम अधिकार सरकार का होता है। इसके बाद शुक्रवार को भूखंड की बाउंड्रीवाल ढहा दी गई थी। जिला प्रशासन ने 100 करोड़ की इस 43 बीघा जमीन में से सात बीघा जमीन पर बने स्कूल व चर्च को कार्रवाई की जद से बाहर रखने की बात कही है।
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हाईकोर्ट ने माना जिला प्रशासन का कब्जा
नजूल भूखंड के इस मामले में 24 जून को सुनवाई करते हुए अपनी कोर्ट से आदेश दिया था। इसके बाद नोटिस चस्पा कर कब्जा खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया। कब्जा खाली न करने पर विधिक प्रक्रिया के तहत भूखंड का कब्जा लिया गया है। उच्च न्यायालय ने भी भूखंड पर जिला प्रशासन के कब्जे को स्वीकार किया है। इस मामले में कोई स्टे नहीं दिया है। 20 जुलाई तक यथास्थिति का आदेश दिया गया है। हमारा प्रयास है कि इस भूखंड पर वेंडिंग जोन बनाकर रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को बसाया जाए।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
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जिलाधिकारी न्यायालय ने मेथोडिस्ट मिशन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल की 3.562 हेक्टेयर नजूल भूमि का पट्टा निरस्त कर दिया था। डीएम कोर्ट के आदेश के बाद राजस्वकर्मियों ने स्कूल की दीवार पर 34 पन्नों का नोटिस चस्पा किया था। विद्यालय प्रबंधन ने भूमि पर अपना स्वामित्व साबित करने के लिए वर्ष 1862 का एक कथित क्रय विलेख (सेल डीड) प्रस्तुत कर दावा किया था कि यह उनकी फ्री होल्ड संपत्ति है। इसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
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न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नजूल भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है। इस पर अंतिम अधिकार सरकार का होता है। इसके बाद शुक्रवार को भूखंड की बाउंड्रीवाल ढहा दी गई थी। जिला प्रशासन ने 100 करोड़ की इस 43 बीघा जमीन में से सात बीघा जमीन पर बने स्कूल व चर्च को कार्रवाई की जद से बाहर रखने की बात कही है।
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हाईकोर्ट ने माना जिला प्रशासन का कब्जा
नजूल भूखंड के इस मामले में 24 जून को सुनवाई करते हुए अपनी कोर्ट से आदेश दिया था। इसके बाद नोटिस चस्पा कर कब्जा खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया। कब्जा खाली न करने पर विधिक प्रक्रिया के तहत भूखंड का कब्जा लिया गया है। उच्च न्यायालय ने भी भूखंड पर जिला प्रशासन के कब्जे को स्वीकार किया है। इस मामले में कोई स्टे नहीं दिया है। 20 जुलाई तक यथास्थिति का आदेश दिया गया है। हमारा प्रयास है कि इस भूखंड पर वेंडिंग जोन बनाकर रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को बसाया जाए।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर