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पत्थरों के मध्य अधिक गैप को भरने के दिए निर्देश
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रामपुर मथुरा/सीतापुर। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम अखरी व अंगरौरा में बाढ़-कटान से बचाव के लिए कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। तटबंध के किनारे लगाए जा रहे पत्थरों के बीच अधिक स्थान को भरने और कार्य को बरसात-बाढ़ आने से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अखरी तथा अंगरौरा गांव को बचाने के लिए करोड़ों रूपये की परियोजना पर चल रहे कार्य का जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निरीक्षण किया। वह सुबह करीब पौने आठ बजे कस्बा स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे। इसके बाद सेवता विधायक ज्ञान तिवारी व महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्या के साथ आठ बजे अखरी व अंगरौरा में 20 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से कटान से बचाव के लिए स्वीकृत परियोजना पर चल रहे कार्य का निरीक्षण करने के लिए रवाना हुए।
वहां निर्माणाधीन ठोकरों व तटबंध के किनारे लगाए जा रहे पत्थरों को देखा। उन्होंने पत्थरों के बीच अधिक गैप को भरने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जो पत्थर नीचे लगाए गए हैं, वह बड़े आकार के हैं, जो पत्थर बच रहे थे उन्हें ऊपर लगाया गया है। जल शक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात में बाढ़ आने से पूर्व संपूर्ण कार्य अवश्य पूर्ण करा लें।
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इस दौरान करीब पांच वर्ष पूर्व में बनाए गए चहलारी घाट-गनेशपुर तटबंध में कई ग्रामीणों की जमीन बिना रजिस्ट्री करवाए ही ठेकेदारों द्वारा ले ली गई। उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया, जिसको लेकर ग्रामीणों ने मंत्री से शिकायत की। इस पर जलशक्ति मंत्री ने बिना कोई ठोस जवाब के उन्हें जिलाधिकारी से बात करने को कहा।
जल शक्ति और सिंचाई संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला गुरुवार की सुबह करीब सात बजे रामपुर मथुरा मार्ग के नूरपुर स्थित शारदा नहर पुल के पास पहुंचा। मंत्री अचानक अपनी गाड़ी रुकवाकर नीचे उतर आए। उन्होंने नहर को देखा तो उसकी सफाई नहीं हुई थी। नाराजगी जताते हुए निर्देेश दिया कि पटरी तक इसकी सफाई कराई जाए। जल शक्ति मंत्री रेउसा ब्लॉक के बाढ़ व कटान प्रभावित ग्राम पंचायत गोलोक कोडर पहुंचे।
सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों को 21 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कटान से विस्थापित ग्रामीणों से भी मुलाकात की उनसे उनका हाल जाना। रेउसा में मंत्री से पत्रकारों ने जब सवाल पूछने की कोशिश की तो वह कुछ नहीं बोले।
स्थल पर मौजूद ग्रामीण चंद्रेश व संजय ने बताया कि सारा पैसा पहली ही बाढ़ व कटान में ध्वस्त हो जाता है। बचाव कार्यों को जानबूझकर विलंब से शुरू करवाया जाता है, ताकि पैसे का बंदरबांट हो सके। तटबंध और ठोकरों के निरीक्षण के दौरान मंत्री अधिकारियों से बातचीत करने में पत्रकारों को दूर रखने की कोशिश करते रहे। आखिरकार उन्होंने कहा कि आप लोग हट जाइए कुछ गोपनीय तरीके से समझाना पड़ता है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने से भी मना कर दिया। मौके पर प्रमुख अभियंता शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियता संतोष कुमार, अधिशाषी अभियंता शशिकांत सिंह, सहायक अभियंता नितिन पांडे, जूनियर इंजीनियर नीरज कुमार सक्सेना, संजीव कुमार समेत कई मौजूद रहे।
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अखरी तथा अंगरौरा गांव को बचाने के लिए करोड़ों रूपये की परियोजना पर चल रहे कार्य का जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निरीक्षण किया। वह सुबह करीब पौने आठ बजे कस्बा स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे। इसके बाद सेवता विधायक ज्ञान तिवारी व महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्या के साथ आठ बजे अखरी व अंगरौरा में 20 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से कटान से बचाव के लिए स्वीकृत परियोजना पर चल रहे कार्य का निरीक्षण करने के लिए रवाना हुए।
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वहां निर्माणाधीन ठोकरों व तटबंध के किनारे लगाए जा रहे पत्थरों को देखा। उन्होंने पत्थरों के बीच अधिक गैप को भरने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जो पत्थर नीचे लगाए गए हैं, वह बड़े आकार के हैं, जो पत्थर बच रहे थे उन्हें ऊपर लगाया गया है। जल शक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात में बाढ़ आने से पूर्व संपूर्ण कार्य अवश्य पूर्ण करा लें।
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इस दौरान करीब पांच वर्ष पूर्व में बनाए गए चहलारी घाट-गनेशपुर तटबंध में कई ग्रामीणों की जमीन बिना रजिस्ट्री करवाए ही ठेकेदारों द्वारा ले ली गई। उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया, जिसको लेकर ग्रामीणों ने मंत्री से शिकायत की। इस पर जलशक्ति मंत्री ने बिना कोई ठोस जवाब के उन्हें जिलाधिकारी से बात करने को कहा।
जल शक्ति और सिंचाई संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला गुरुवार की सुबह करीब सात बजे रामपुर मथुरा मार्ग के नूरपुर स्थित शारदा नहर पुल के पास पहुंचा। मंत्री अचानक अपनी गाड़ी रुकवाकर नीचे उतर आए। उन्होंने नहर को देखा तो उसकी सफाई नहीं हुई थी। नाराजगी जताते हुए निर्देेश दिया कि पटरी तक इसकी सफाई कराई जाए। जल शक्ति मंत्री रेउसा ब्लॉक के बाढ़ व कटान प्रभावित ग्राम पंचायत गोलोक कोडर पहुंचे।
सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों को 21 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कटान से विस्थापित ग्रामीणों से भी मुलाकात की उनसे उनका हाल जाना। रेउसा में मंत्री से पत्रकारों ने जब सवाल पूछने की कोशिश की तो वह कुछ नहीं बोले।
स्थल पर मौजूद ग्रामीण चंद्रेश व संजय ने बताया कि सारा पैसा पहली ही बाढ़ व कटान में ध्वस्त हो जाता है। बचाव कार्यों को जानबूझकर विलंब से शुरू करवाया जाता है, ताकि पैसे का बंदरबांट हो सके। तटबंध और ठोकरों के निरीक्षण के दौरान मंत्री अधिकारियों से बातचीत करने में पत्रकारों को दूर रखने की कोशिश करते रहे। आखिरकार उन्होंने कहा कि आप लोग हट जाइए कुछ गोपनीय तरीके से समझाना पड़ता है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने से भी मना कर दिया। मौके पर प्रमुख अभियंता शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियता संतोष कुमार, अधिशाषी अभियंता शशिकांत सिंह, सहायक अभियंता नितिन पांडे, जूनियर इंजीनियर नीरज कुमार सक्सेना, संजीव कुमार समेत कई मौजूद रहे।