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बच्चों के टिफिन पर रहेगी सरकारी नजर
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सीतापुर। नौनिहालों के टिफिन बॉक्स पर अब सरकार की नजर रहेगी। विद्यार्थियों को सुरक्षित व पौष्टिक भोजन मिल सके, इसके लिए सरकार ने विशेष पहल कार्यक्रम शुरू किया है। सेफ एवं न्यूट्रीशियन फूड कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को बेहतर भोजन करने के फायदे बताए जाएंगे।
साथ ही जंक फूड होने से होने वाले नुकसान भी गिनाएं जाएंगे। कौन सा भोजन कितनी मात्रा में लिया जाए, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम विद्यार्थियों को पूरी जानकारी देगी। यह कार्यक्रम सभी विद्यालयों में चलेगा।
केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विद्यार्थियों में खानपान के लिए स्वस्थ प्रणाली व आदतें विकसित करने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा एक पहल की गई है।
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खाद्य सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने को एसएनएफ पोर्टल विकसित किया गया है जिस पर पंजीकृत विद्यालयों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री एवं विभिन्न जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। इनका उपयोग विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यह है विद्यार्थी व भावी पीढ़ी न केवल जागरूक हो बल्कि स्वस्थ व फिट भी रहेे। यह जिम्मेदारी शिक्षा विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मिलकर निभाएगा। शिक्षा विभाग जहां पंजीकरण कराने में मदद करेगा, वहीं एफएसडीए कार्यक्रम आयोजित करके विद्यार्थियों को जागरूक करेगा।
विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन के बारे में बताया जाएगा। उनको सही आदतें डालने की भी सीख दी जाएगी। यह कार्यक्रम प्राइमरी से लेकर डिग्री तक के सभी विद्यालयों में आयोजित होगा।
इसके लिए एक एसएनएफ पोर्टल डाट इन बनाया गया है। इस पोर्टल पर स्कूल का रजिस्ट्रेशन होगा जिसमें कोई भी शिक्षक स्कूल का नाम, पता, प्रदेश, स्कूल की मेल आईडी व मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है।
फिर उस आईडी पर पौष्टिक आहार से संबंधित वीडियो व जानकारी भेजी जाएगी। स्कूल कॉलेज विद्यार्थियों को इन वीडियो को दिखाकर उनको जागरूक करेगा। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन स्कूलों में जाकर कार्यक्रम आयोजित करेगा।
अभिहित अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। पहले चरण में कॉलेजों का रजिस्ट्रेशन होगा। उसके बाद स्कूलवार कैंप लगाकर भोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। सभी कॉलेज एसएनएफ पोर्टल पर अपना आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा लें।
बीएसए अजय कुमार ने बताया कि नौनिहालों को सुरक्षित भोजन मिले, इसके लिए शासन की तरफ से निर्देश मिले हैं। सभी स्कूलों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। शिक्षक को खुद ही रजिस्ट्रेशन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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साथ ही जंक फूड होने से होने वाले नुकसान भी गिनाएं जाएंगे। कौन सा भोजन कितनी मात्रा में लिया जाए, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम विद्यार्थियों को पूरी जानकारी देगी। यह कार्यक्रम सभी विद्यालयों में चलेगा।
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केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विद्यार्थियों में खानपान के लिए स्वस्थ प्रणाली व आदतें विकसित करने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा एक पहल की गई है।
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खाद्य सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने को एसएनएफ पोर्टल विकसित किया गया है जिस पर पंजीकृत विद्यालयों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री एवं विभिन्न जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। इनका उपयोग विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यह है विद्यार्थी व भावी पीढ़ी न केवल जागरूक हो बल्कि स्वस्थ व फिट भी रहेे। यह जिम्मेदारी शिक्षा विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मिलकर निभाएगा। शिक्षा विभाग जहां पंजीकरण कराने में मदद करेगा, वहीं एफएसडीए कार्यक्रम आयोजित करके विद्यार्थियों को जागरूक करेगा।
विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन के बारे में बताया जाएगा। उनको सही आदतें डालने की भी सीख दी जाएगी। यह कार्यक्रम प्राइमरी से लेकर डिग्री तक के सभी विद्यालयों में आयोजित होगा।
इसके लिए एक एसएनएफ पोर्टल डाट इन बनाया गया है। इस पोर्टल पर स्कूल का रजिस्ट्रेशन होगा जिसमें कोई भी शिक्षक स्कूल का नाम, पता, प्रदेश, स्कूल की मेल आईडी व मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है।
फिर उस आईडी पर पौष्टिक आहार से संबंधित वीडियो व जानकारी भेजी जाएगी। स्कूल कॉलेज विद्यार्थियों को इन वीडियो को दिखाकर उनको जागरूक करेगा। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन स्कूलों में जाकर कार्यक्रम आयोजित करेगा।
अभिहित अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। पहले चरण में कॉलेजों का रजिस्ट्रेशन होगा। उसके बाद स्कूलवार कैंप लगाकर भोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। सभी कॉलेज एसएनएफ पोर्टल पर अपना आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा लें।
बीएसए अजय कुमार ने बताया कि नौनिहालों को सुरक्षित भोजन मिले, इसके लिए शासन की तरफ से निर्देश मिले हैं। सभी स्कूलों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। शिक्षक को खुद ही रजिस्ट्रेशन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।