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400 रुपए किलो तक बिका खरबूजा

Wed, 09 Jun 2021 11:34 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:34 PM IST
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Melon sold up to Rs 400 a kg
सीतापुर। 20 से 30 रुपए प्रतिकिलो के भाव में बाजारों में बिकने वाले खरबूज ने जिले में महंगाई की ऐसी रेस लगाई कि खरीदने सुनने वाले सकते में आ गए। वट सावित्री की पूजा में पूजे जाने वाले खरबूजे की बढ़ी डिमांड के चलते जिले मं बुधवार को खरबूजा बाजारों मेें 400 रुपए प्रतिकिलो के रेट में बिका। लोगों ने मालभाव कर जैसे तैसे परंपरा के नाम पर खरीदी की, लेकिन बाद में गुस्सा सोशल मीडिया पर निकाला।
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वट सावित्री पूजा गुरुवार को जगह-जगह होगी। इसको लेकर बुधवार को खूब खरीदारी हुई। खरीदार उमड़े देख दुकानदारों ने भी मनमाने रेट वसूले। आलम ये रहा कि बाजारों में खरबूजा 400 रुपए प्रति किलो तक तो बैंगन 60 रुपए प्रति किलो तक बिका। कलश भी 40 रुपए प्रति पीस तक बेचा गया। कुछ लोगों ने खरबूजे की महंगाई को फेसबुक पर पोस्ट करके गुस्सा भी निकाला, फुटकर दुकानदारों का कहना था कि एक दिन के त्योहार के चलते अचानक डिमांड बढ़ी।
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वट सावित्री पूजा में कद्दू, बैंगन, खरबूजा, आम आदि फलों के साथ ही धागा और मिट्टी के कलश का विशेष महत्तव होता है। ऐसे में त्योहार के एक दिन पहले इसकी बिक्री हुई। बिक्री बढ़ती देख विक्रेताओं ने रेट में इजाफा कर दिया। खरबूजा 400, कद्दू 30 व आम 20 रुपए प्रति किलो और बैंगन 60 रुपए प्रति किलो के रेट में बिका। मिट्टी का कलश भी 20 से 40 रुपए प्रति पीस में बिका। बाजार में खरबूजे का भाव सुनकर लोगों के होश उड़ गए।
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इतना महंगा कभी नहीं बिका
शहर के मोहल्ला आर्यनगर निवासी शरद दीक्षित ने कहा कि बाजार में खरबूजे की लूट मची थी। दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे थे। इतना महंगा तो कभी नहीं देखा। उन्होंने खरबूजे की महंगाई को फेसबुक पर भी पोस्ट किया है। फुटकर विक्रेता अनिल ने बताया कि त्योहारी डिमांड होने के चलते थोक में ही खरबूजा महंगा मिला था। इसके अलावा आज मांग ज्यादा थी तो लोगों ने पैसे बढ़ाकर बिक्री की। कहा कि जब घाटा होता तो कोई भरपाई करने नहीं आता, इसलिए मौका मिला है तो मुनाफा लोगों ने कमा लिया।
वट सावित्री पूजा का विशेष महत्व
दुर्गा मंदिर आलमनगर के पुजारी महेश पंडित ने बताया कि महिलाएं वट सावित्री की पूजा पति की दीर्घायु की कामना को लेकर करती हैं। इस पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस तिथि को सावित्री ने अपने पति के प्राणों की रक्षा की थी। वटवृक्ष पर तीन देवों यानी ब्रह्मा, विष्णु व महेश का वास माना जाता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को शनि जयंती भी है।

सावधानी से करें पूजन
कोरोना संक्रमण हल्का जरूर पड़ा है, लेकिन संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में महिलाएं कोविड प्रोटोकाल के अनुरूप ही पूजन करके त्योहार मनाएं। वट वृक्ष के नजदीक ज्यादा भीड़ न एकत्र करें। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही पूजन करें।
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