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Sitapur News: मातृ सुरक्षा केंद्रों से होगी उच्च जोखिम वाली महिलाओं की निगरानी

Fri, 28 Nov 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Fri, 28 Nov 2025 12:03 AM IST
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Maternal safety centers will monitor high-risk women
सीतापुर। जिले की शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष पहल की गई है। इसके तहत अब उच्च जोखिम में चिह्नित गर्भवतियों की नियमित निगरानी के लिए अस्पतालों में मातृ सुरक्षा केंद्रों का संचालन होगा। वर्तमान में जिले में जन्म लेने के एक साल के अंदर एक हजार बच्चों में से 46 व एक लाख गर्भवतियों में से भी 166 की मौत हो जाती है।
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विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण है कि गर्भधारण के बाद महिलाओं को सही तरीके से इलाज नहीं मिल पाता है। इसी कारण प्रसव के समय खून की कमी व अन्य कारणों से जच्चा बच्चा की मौत हो जाती है। अब मातृ सुरक्षा केंद्रों के माध्यम से गर्भवतियों की नियमित निगरानी होगी। मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिले के 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला महिला अस्पताल में मातृ सुरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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इन केंद्रों के लिए सीएचसी स्तर पर एक मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा। इस नंबर पर किसी भी गर्भवती अथवा एक साल तक के बच्चों के बीमार होने की जानकारी केंद्र को दी जा सकती है। सूचना पर सीएचसी के चिकित्सक व कर्मचारी गर्भवती से संपर्क कर उन्हें एंबुलेंस सुविधा के साथ सीएचसी बुलाकर पूरा परीक्षण करेंगे।
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गंभीर होने पर नवजात को सीएचसी के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज होगा। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इससे गर्भधारण के बाद महिलाओं के साथ ही प्रसव बाद जच्चा-बच्चा को इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया हो सकेगी। (संवाद)
24 घंटे रहेगा सक्रिय
इस केंद्र पर एक कंप्यूटर आपरेटर व अन्य स्टॉफ की तैनाती होगी। यह केंद्र 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इसके लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। शिकायत मिलने के बाद अस्पताल के चिकित्सक मरीजों का फॉलोअप करेंगे। साथ ही एक सप्ताह बाद इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं का हालचाल लेकर कंप्यूटर पर फीड किया जाएगा।
हाईरिस्क महिलाओं के साथ टीकाकरण पर भी नजर
गर्भधारण के बाद महिलाओं को आशा कार्यकर्ता सीएचसी लाती है। ऐसे में उच्च जोखिम वाली महिलाओं का तीन माह में रिकार्ड मिलने के बाद इस केंद्र के माध्यम से इनकी जांच व प्रगति पर नियमित तौर से नजर रखते हुए उन्हें संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अगर कोई महिला कॉल नहीं करना चाहती है तो व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपनी जानकारी दे सकती है। गर्भवती के साथ ही इस केंद्र के माध्यम से बच्चों के टीकाकरण पर भी पूरी नजर रखते हुए नियमित तौर पर टीकाकरण कराया जाएगा।

महमूदाबाद सीएचसी बनी नंबर वन
मातृ सुरक्षा केंद्र बनाने के मामले में महमूदाबाद सीएचसी नंबर वन बन गई है। सबसे पहले यहां पर इस केंद्र की स्थापना की गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि 24 घंटे केंद्र सक्रिय रहता है। अभी तक 500 से अधिक गर्भवती महिलाओं से संपर्क करके उनकी समस्या का समाधान किया गया है।
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