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Sitapur News: 83 दिन बाद भी बाघिन को पकड़ने में वन विभाग नाकाम, फिर मिले पगचिह्न
Sat, 10 Oct 2026 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:50 AM IST
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संदना इलाके में कॉम्बिंग करती वन विभाग की टीम।
संदना। क्षेत्र में दहशत का पर्याय बनी बाघिन को पकड़ने में वन विभाग 83 दिन बाद भी नाकाम है। शुक्रवार को रसूलवा और इमली पुरवा के आसपास बाघिन के पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई। वन विभाग की टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। संभावित ठिकानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और पड़वा बांधकर बाघिन को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
करीब 83 दिन पहले रसूलवा के पास बाघिन ने कमल किशोर पर हमला कर उन्हें अपना निवाला बना लिया था। इसके बाद से वन विभाग की टीमें इलाके में उसकी तलाश कर रही हैं। बाघिन अब तक तीन पड़वों को भी निशाना बना चुकी है। शुक्रवार को रसूलवा के पास दोबारा पड़वा बांधकर निगरानी शुरू की गई। पगचिह्न मिलने के बाद टीम उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।
खेतों में जाने से डर रहे किसान
बाघिन की दहशत से ग्रामीणों की दिनचर्या और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। लोग अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं। फसल की रखवाली करने, खेतों का जायजा लेने और पशुओं के लिए चारा लाने में भी खतरा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खरीफ की फसल का करीब तीन महीने का समय बीत चुका है, लेकिन बाघिन पकड़ी नहीं जा सकी है। इससे खेती के काम प्रभावित हो रहे हैं और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द बाघिन को पकड़कर उन्हें भयमुक्त करने की मांग की है।
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लगातार कांबिंग कर रही टीमें
मिश्रिख वन रेंज के रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि बाघिन की तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और पड़वा बांधकर निगरानी की जा रही है। बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
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करीब 83 दिन पहले रसूलवा के पास बाघिन ने कमल किशोर पर हमला कर उन्हें अपना निवाला बना लिया था। इसके बाद से वन विभाग की टीमें इलाके में उसकी तलाश कर रही हैं। बाघिन अब तक तीन पड़वों को भी निशाना बना चुकी है। शुक्रवार को रसूलवा के पास दोबारा पड़वा बांधकर निगरानी शुरू की गई। पगचिह्न मिलने के बाद टीम उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।
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खेतों में जाने से डर रहे किसान
बाघिन की दहशत से ग्रामीणों की दिनचर्या और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। लोग अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं। फसल की रखवाली करने, खेतों का जायजा लेने और पशुओं के लिए चारा लाने में भी खतरा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खरीफ की फसल का करीब तीन महीने का समय बीत चुका है, लेकिन बाघिन पकड़ी नहीं जा सकी है। इससे खेती के काम प्रभावित हो रहे हैं और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द बाघिन को पकड़कर उन्हें भयमुक्त करने की मांग की है।
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लगातार कांबिंग कर रही टीमें
मिश्रिख वन रेंज के रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि बाघिन की तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और पड़वा बांधकर निगरानी की जा रही है। बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।