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कोरोना का खौफ : अब बंदियों के लिए जेल में तैयार हो रहे मास्क
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सीतापुर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए जेल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सदी, बुखार, जुकाम के बंदियों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। बंदियों को महामारी से बचाने के लिए जेल के अंदर ही मास्क बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच जेल प्रशासन कोई चूक नहीं करना चाह रहा है। बंदियों को संक्रमण से बचाने के लिए तैयारी जोरों पर है।
जेल में माइक से बंदियों को रोजाना तीन बार जागरूक करने की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है। मुलाकात करने आने वालों के लिए जेल गेट पर ही स्क्रीनिंग के लिए थार्मोस्कैनर की व्यवस्था भी जल्द शुरू होगी, इस बीच गुरुवार की शाम को जेल प्रशासन जेल अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। इस वार्ड में सदी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीजों को अलग से रखने की व्यवस्था की गई है ताकि ऐसे बीमार बंदी स्वस्थ बंदियों से दूर रह सकें।
वहीं बीमारी से बचाव के लिए शुक्रवार से जेल में मास्क बनाने की कवायद शुरू हो गई है। मास्क बनाने के लिए जेल प्रशासन ने मार्केट से कपड़ा मंगा लिया है। जेल के सूत्रों ने बताया कि मास्क बनाने में लगे टेलर ने शुक्रवार शाम तक दो सौ से अधिक मास्क बना डाले थे। मास्क बनाने के बाद बंदियों को दिए जाएंगे जिसे लगाकर वह खुद को बीमारी से बचा सकें।
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जेल अधीक्षक ने कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए अब तक जेल में 400 से अधिक मास्क बंदियों, लंबरदार, राइटर, बंदीरक्षकों, कार्यालय में काम करने वाले बंदियों, स्टाफ के अफसरों-कर्मचारियों को बांटे जा चुके हैं। ये मास्क बाहर से मंगाए गए थे लेकिन बाहर स्टॉक की कमी की वजह से अब जेल में बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। जेल में शुरू हुई मास्क बनाने की जिम्मेदारी दो टेलरों को दी गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि दिन में दोनों टेलर दो सौ मास्क आराम से बना डालेंगे।
जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे से बचाने के लिए जेल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। एहतियात के तौर पर सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। शुक्रवार से जेल में बंदियों के लिए मास्क बनाने शुरू हो गए हैं।
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जेल में माइक से बंदियों को रोजाना तीन बार जागरूक करने की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है। मुलाकात करने आने वालों के लिए जेल गेट पर ही स्क्रीनिंग के लिए थार्मोस्कैनर की व्यवस्था भी जल्द शुरू होगी, इस बीच गुरुवार की शाम को जेल प्रशासन जेल अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। इस वार्ड में सदी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीजों को अलग से रखने की व्यवस्था की गई है ताकि ऐसे बीमार बंदी स्वस्थ बंदियों से दूर रह सकें।
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वहीं बीमारी से बचाव के लिए शुक्रवार से जेल में मास्क बनाने की कवायद शुरू हो गई है। मास्क बनाने के लिए जेल प्रशासन ने मार्केट से कपड़ा मंगा लिया है। जेल के सूत्रों ने बताया कि मास्क बनाने में लगे टेलर ने शुक्रवार शाम तक दो सौ से अधिक मास्क बना डाले थे। मास्क बनाने के बाद बंदियों को दिए जाएंगे जिसे लगाकर वह खुद को बीमारी से बचा सकें।
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जेल अधीक्षक ने कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए अब तक जेल में 400 से अधिक मास्क बंदियों, लंबरदार, राइटर, बंदीरक्षकों, कार्यालय में काम करने वाले बंदियों, स्टाफ के अफसरों-कर्मचारियों को बांटे जा चुके हैं। ये मास्क बाहर से मंगाए गए थे लेकिन बाहर स्टॉक की कमी की वजह से अब जेल में बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। जेल में शुरू हुई मास्क बनाने की जिम्मेदारी दो टेलरों को दी गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि दिन में दोनों टेलर दो सौ मास्क आराम से बना डालेंगे।
जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे से बचाने के लिए जेल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। एहतियात के तौर पर सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। शुक्रवार से जेल में बंदियों के लिए मास्क बनाने शुरू हो गए हैं।