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कोतवाल का ड्राइवर लाइन हाजिर, होगी मजिस्ट्रेटी जांच
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बिसवां में मृतक रवि त्रिवेदी की मौत के बाद बड़े चौराहे पर मौजूद पुलिस बल। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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बिसवां (सीतापुर)। मारपीट के बाद कोतवाली आए युवक की हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय हुई मौत के बाद रविवार को शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की। मामले को देखते हुए डीएम ने मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर एसपी आरपी सिंह ने कोतवाल इंद्रजीत सिंह की सरकारी गाड़ी के ड्राइवर बृजेश यादव को लाइन हाजिर कर दिया है।
मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश और कार्रवाई के बाद परिवार के लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। बिसवां इलाके के मोहल्ला मास्टर कालोनी निवासी रवि त्रिवेदी (30) पुत्र किशन लाल की मोहल्ला सरावंगी टोला निवासी लकी नाग से शुक्रवार को बड़े चौराहे पर पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट हो गई थी। विवाद करते हुए दोनों पक्ष कोतवाली गेट पर आ गए थे।
होमगार्ड और सिपाही दोनों पक्षों को कोतवाली ले आए थे, जहां पर रात में दोनों पक्षों को कोतवाली में रखा गया। देर रात रवि की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे लेकर बिसवां सीएचसी पहुंची, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पतालले जाते समय युवक की रास्ते में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
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पोस्टमार्टम के बाद शव के घर पहुंचने के बाद शनिवार की देर रात तक परिजनों ने हंगामा किया था। मृतक के पिता और चाचा का कहना था कि पुलिस रवि को बिसवां से सीधे जिला अस्पताल के बजाय लहरपुर लेकर क्यों गई ? परिवार का कहना था कि पुलिस ने शव की जल्दी अंत्येष्टि के लिए पैैसे दिए। रात में अफसरों के समझाने पर लोग मान गए थे।
मामला शांत हुआ, लेकिन रविवार को परिजन शव की अंत्येष्टि के लिए लेकर जा रहे थे, इस बीच रास्ते में लोगों ने शव रखकर बड़े चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की। साथ में चल रहे एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा, सीओ सुशील सिंह, कोतवाल इंद्रजीत सिंह ने लोगों को जाम लगाने से किसी तरह से रोका। इसके बाद मामले से डीएम-एसपी को अवगत कराया।
कोतवाली में हालत बिगड़ने के अस्पताल आते समय हुई मौत, पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठाए जा रहे सवालों को लेकर डीएम विशाल भारद्वाज ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
लकी समेत तीन पर हत्या का केस
सीओ बिसवां सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट के बाद घायल रवि की मां की तहरीर पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली है। अब इस मामले में आरोपी लकी और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
मृतक के परिजन मामले में कई तरह के आरोप पुलिस पर लगा रहे थे। इसी को लेकर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
डॉ. राजीव दीक्षित, एएसपी उत्तरी
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मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश और कार्रवाई के बाद परिवार के लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। बिसवां इलाके के मोहल्ला मास्टर कालोनी निवासी रवि त्रिवेदी (30) पुत्र किशन लाल की मोहल्ला सरावंगी टोला निवासी लकी नाग से शुक्रवार को बड़े चौराहे पर पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट हो गई थी। विवाद करते हुए दोनों पक्ष कोतवाली गेट पर आ गए थे।
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होमगार्ड और सिपाही दोनों पक्षों को कोतवाली ले आए थे, जहां पर रात में दोनों पक्षों को कोतवाली में रखा गया। देर रात रवि की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे लेकर बिसवां सीएचसी पहुंची, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पतालले जाते समय युवक की रास्ते में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
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पोस्टमार्टम के बाद शव के घर पहुंचने के बाद शनिवार की देर रात तक परिजनों ने हंगामा किया था। मृतक के पिता और चाचा का कहना था कि पुलिस रवि को बिसवां से सीधे जिला अस्पताल के बजाय लहरपुर लेकर क्यों गई ? परिवार का कहना था कि पुलिस ने शव की जल्दी अंत्येष्टि के लिए पैैसे दिए। रात में अफसरों के समझाने पर लोग मान गए थे।
मामला शांत हुआ, लेकिन रविवार को परिजन शव की अंत्येष्टि के लिए लेकर जा रहे थे, इस बीच रास्ते में लोगों ने शव रखकर बड़े चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की। साथ में चल रहे एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा, सीओ सुशील सिंह, कोतवाल इंद्रजीत सिंह ने लोगों को जाम लगाने से किसी तरह से रोका। इसके बाद मामले से डीएम-एसपी को अवगत कराया।
कोतवाली में हालत बिगड़ने के अस्पताल आते समय हुई मौत, पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठाए जा रहे सवालों को लेकर डीएम विशाल भारद्वाज ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
लकी समेत तीन पर हत्या का केस
सीओ बिसवां सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट के बाद घायल रवि की मां की तहरीर पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली है। अब इस मामले में आरोपी लकी और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
मृतक के परिजन मामले में कई तरह के आरोप पुलिस पर लगा रहे थे। इसी को लेकर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
डॉ. राजीव दीक्षित, एएसपी उत्तरी