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बिना नक्शा पास कराए बन गया अवैध मल्टीप्लेक्स
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2015 11:40 PM IST
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रसूख के बूते बिना नक्शा पास कराए ही शहर की सीमा पर हाईवे किनारे एक अवैध सिनेमाहाल का निर्माण करा दिया गया। यहां तक कि भूमि का लैंड यूज भी चेंज नहीं कराया। अब सिनेमाहाल का लैंड यूज चेंज करने के आवेदन करते ही पेंच फंस गया।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने इस पर विज्ञापन छपवा कर आपत्तियां मांग ली हैं, जिससे अवैध रूप से निर्मित इस सिनेमाहाल का जल्द संचालन होता नहीं दिख रहा। मामले में एक सपा विधायक का नाम आने पर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
शहर से लखनऊ जाने वाले एनएच-24 पर वैदेही वाटिका के पास बिना नक्शा पास कराए स्पर्श मल्टीप्लेक्स सिनेमाहाल बना दिया गया। सिनेमाहाल के मालिक शहर के विजय लक्ष्मीनगर निवासी नमन अग्रवाल हैं, लेकिन अंदरखाने में चर्चा है कि इसकी लगाम बिसवां के सपा विधायक रामपाल यादव के हाथ में हैं।
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करीब 2800 वर्ग मीटर में बने सिनेमाहाल के निर्माण में नियम-कानून ताख पर रख दिए गए। 104 सीट वाले इस मल्टीप्लेक्स के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए। बताते हैं कि सिनेमाहाल के संचालन में लाइसेंस लेने की बारी आई तो कुछ अफसरों की मिलीभगत से मालिक व पैरोकारी कर रहे विधायक ने दबंगई भी दिखाई। बात न बनने पर डीएम सूर्यपाल गंगवार के समक्ष लैंड यूज चेंज करने का प्रस्ताव रखा। डीएम ने इस मामले में विज्ञापन छपवाकर आपत्तियां मांग ली हैं।
विधायक के धमकाने पर तबादला करा चले गए अफसर
जिले के तत्कालीन मनोरंजन कर अधिकारी किशोर चतुर्वेदी ने 30 अप्रैल 2015 को मनोरंजन कर आयुक्त को एक पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल को एडीएम सर्वेश कुमार ने उन्हें कार्यालय में बुलाया। जहां सपा विधायक पहले से ही समर्थकों के साथ मौजूद थे। वहां उन पर एडीएम ने लाइसेंस देने का दबाव बनाया।
नियम विरुद्ध काम करने से मना कर दिया तो विधायक ने लाइसेंस न देने पर जानमाल के नुकसान की धमकी दी। इससे परेशान मनोरंजन कर अधिकारी व दो इंस्पेक्टर जिले से तबादला करा लिया। हालांकि विधायक व एडीएम इस मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मेरे कार्यालय में कोई ऐसा विवाद नहीं हुआ। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत व बेबुनियाद हैं।
सर्वेश कुमार, एडीएम
बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से स्पर्श मल्टीप्लेक्स के भवन का निर्माण किया गया था। एडीएम दबाव बना रहे थे, कि फार्म हाउस पर बने छोटे से कमरे को सिनेमा चलाने का लाइसेंस दे दिया जाए, जो नियम के खिलाफ था। सिनेमाहाल का लाइसेंस लेने के लिए एडीएम व विधायक द्वारा नाजायज दबाव बनाया जा रहा था। यह पूरा मामला मनोरंजन कर आयुक्त की जानकारी में था। लगातार धमकी से आहत होकर उनसे लिखित रूप में अनुरोध कर स्थानांतरण के लिए कहा गया था। जिसके चलते उन्होंने सीतापुर से दूसरी जगह स्थानांतरण कर दिया।
किशोर चतुर्वेदी, तत्कालीन मनोरंजन कर अधिकारी
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डीएम सूर्यपाल गंगवार ने इस पर विज्ञापन छपवा कर आपत्तियां मांग ली हैं, जिससे अवैध रूप से निर्मित इस सिनेमाहाल का जल्द संचालन होता नहीं दिख रहा। मामले में एक सपा विधायक का नाम आने पर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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शहर से लखनऊ जाने वाले एनएच-24 पर वैदेही वाटिका के पास बिना नक्शा पास कराए स्पर्श मल्टीप्लेक्स सिनेमाहाल बना दिया गया। सिनेमाहाल के मालिक शहर के विजय लक्ष्मीनगर निवासी नमन अग्रवाल हैं, लेकिन अंदरखाने में चर्चा है कि इसकी लगाम बिसवां के सपा विधायक रामपाल यादव के हाथ में हैं।
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करीब 2800 वर्ग मीटर में बने सिनेमाहाल के निर्माण में नियम-कानून ताख पर रख दिए गए। 104 सीट वाले इस मल्टीप्लेक्स के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए। बताते हैं कि सिनेमाहाल के संचालन में लाइसेंस लेने की बारी आई तो कुछ अफसरों की मिलीभगत से मालिक व पैरोकारी कर रहे विधायक ने दबंगई भी दिखाई। बात न बनने पर डीएम सूर्यपाल गंगवार के समक्ष लैंड यूज चेंज करने का प्रस्ताव रखा। डीएम ने इस मामले में विज्ञापन छपवाकर आपत्तियां मांग ली हैं।
विधायक के धमकाने पर तबादला करा चले गए अफसर
जिले के तत्कालीन मनोरंजन कर अधिकारी किशोर चतुर्वेदी ने 30 अप्रैल 2015 को मनोरंजन कर आयुक्त को एक पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल को एडीएम सर्वेश कुमार ने उन्हें कार्यालय में बुलाया। जहां सपा विधायक पहले से ही समर्थकों के साथ मौजूद थे। वहां उन पर एडीएम ने लाइसेंस देने का दबाव बनाया।
नियम विरुद्ध काम करने से मना कर दिया तो विधायक ने लाइसेंस न देने पर जानमाल के नुकसान की धमकी दी। इससे परेशान मनोरंजन कर अधिकारी व दो इंस्पेक्टर जिले से तबादला करा लिया। हालांकि विधायक व एडीएम इस मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मेरे कार्यालय में कोई ऐसा विवाद नहीं हुआ। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत व बेबुनियाद हैं।
सर्वेश कुमार, एडीएम
बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से स्पर्श मल्टीप्लेक्स के भवन का निर्माण किया गया था। एडीएम दबाव बना रहे थे, कि फार्म हाउस पर बने छोटे से कमरे को सिनेमा चलाने का लाइसेंस दे दिया जाए, जो नियम के खिलाफ था। सिनेमाहाल का लाइसेंस लेने के लिए एडीएम व विधायक द्वारा नाजायज दबाव बनाया जा रहा था। यह पूरा मामला मनोरंजन कर आयुक्त की जानकारी में था। लगातार धमकी से आहत होकर उनसे लिखित रूप में अनुरोध कर स्थानांतरण के लिए कहा गया था। जिसके चलते उन्होंने सीतापुर से दूसरी जगह स्थानांतरण कर दिया।
किशोर चतुर्वेदी, तत्कालीन मनोरंजन कर अधिकारी