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बिना नक्शा स्वीकृत कराए हो रहा अवैध निर्माण
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सीतापुर। प्रशासन की उदासीनता से शहर में बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य हो रहा है। इतना ही नही स्वीकृत नक्शा के सापेक्ष आरक्षित जमीन को भी कब्जाने में धंधेबाज जुटे हैं। सेना के स्वामित्व से जुड़ी जमीन के समीप भी बेखौफ तरह से बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र से नक्शा स्वीकृत कराए बिना ही आवासीय व व्यवसायिक निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। श्यामनाथ मंदिर से गोला तक जाने वाले राज्य सड़क मार्ग से लेकर हाईवे से रामकोट रोड पर ग्राम कनवाखेड़ा और लखनऊ रोड पर कई स्थानों पर इस तरह का अवैध निर्माण देखा जा सकता है।
कैंट स्टेशन के सामने सेना की खाली पड़ी जमीन से सटे इलाके में अवैध तरह से एक होटल तक को बनाने का कार्य चल रहा है। नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एनओसी लेने के साथ ही विकास शुल्क भी जमा कराना पड़ता है। इसकी अनदेखी से सरकारी खजाने में जमा होने वाली राजस्व राशि की भी चपत लग रही है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अमृता सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए दीपावली के बाद स्थलीय निरीक्षण कर अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने का भरोसा दिलाया है।
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नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र से नक्शा स्वीकृत कराए बिना ही आवासीय व व्यवसायिक निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। श्यामनाथ मंदिर से गोला तक जाने वाले राज्य सड़क मार्ग से लेकर हाईवे से रामकोट रोड पर ग्राम कनवाखेड़ा और लखनऊ रोड पर कई स्थानों पर इस तरह का अवैध निर्माण देखा जा सकता है।
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कैंट स्टेशन के सामने सेना की खाली पड़ी जमीन से सटे इलाके में अवैध तरह से एक होटल तक को बनाने का कार्य चल रहा है। नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एनओसी लेने के साथ ही विकास शुल्क भी जमा कराना पड़ता है। इसकी अनदेखी से सरकारी खजाने में जमा होने वाली राजस्व राशि की भी चपत लग रही है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अमृता सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए दीपावली के बाद स्थलीय निरीक्षण कर अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने का भरोसा दिलाया है।
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