{"_id":"69162368b6ace55f3e012a4b","slug":"he-cut-his-son-with-a-saw-and-dedicated-it-to-the-lion-sitapur-news-c-102-1-stp1003-144117-2025-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: बेटे को आरी से काटकर शेर को किया समर्पित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: बेटे को आरी से काटकर शेर को किया समर्पित
Thu, 13 Nov 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 13 Nov 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
सकरन। कस्बे में बिसवां मोड़ पर स्थित यज्ञशाला परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्री हनुमत महायज्ञ व रासलीला कार्यक्रम में बुधवार रात वृंदावन के कलाकारों ने राजा मोरध्वज नाटक का भावपूर्ण मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि जब अर्जुन के सामने श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज की दानवीरता व भक्ति का बखान किया तो अर्जुन ने इसे प्रमाणित करने के लिए कहा।
इसके बाद श्रीकृष्ण व अर्जुन, साधु और शेर का रूप धारण कर मोरध्वज के पास पहुंचे। यहां उन्होंने राजा से शेर के भूखे होने और भोजन के रूप में उनके बेटे ताम्रध्वज को मांगा। राजा-रानी ने अपने बेटे ताम्रध्वज के शरीर को आरी से आधा काटकर शेर के सामने रख दिया। अर्जुन यह देखकर चकित रह गए। राजा की दानवीरता और भक्ति देखकर भगवान श्रीकृष्ण अपने असली रूप में प्रकट हो गए और राजा को आशीर्वाद देते हुए ताम्रध्वज को जीवित कर दिया। इस अवसर पर यज्ञाध्यक्ष प्रकाशानंद सरस्वती (फलाहारी), प्रबंधक विमल मिश्र, राजेंद्र कुमार जायसवाल, सचिन यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इसके बाद श्रीकृष्ण व अर्जुन, साधु और शेर का रूप धारण कर मोरध्वज के पास पहुंचे। यहां उन्होंने राजा से शेर के भूखे होने और भोजन के रूप में उनके बेटे ताम्रध्वज को मांगा। राजा-रानी ने अपने बेटे ताम्रध्वज के शरीर को आरी से आधा काटकर शेर के सामने रख दिया। अर्जुन यह देखकर चकित रह गए। राजा की दानवीरता और भक्ति देखकर भगवान श्रीकृष्ण अपने असली रूप में प्रकट हो गए और राजा को आशीर्वाद देते हुए ताम्रध्वज को जीवित कर दिया। इस अवसर पर यज्ञाध्यक्ष प्रकाशानंद सरस्वती (फलाहारी), प्रबंधक विमल मिश्र, राजेंद्र कुमार जायसवाल, सचिन यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन