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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा
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जिला पंचायत सभागार में बोर्ड बैठक में मौजूद सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष व विधायक। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। जिला पंचायत अध्यक्ष पर सदस्यों ने विकास कार्य न करवाने का आरोप लगवाया। एक सदस्य प्रतिनिधि ने तो अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया। सदन के अंदर झूठा तक बोल दिया। इनके समर्थन में अन्य तमाम सदस्य भी जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके प्रतिनिधि का विरोध करने लगे। बैठक में जब अभद्रता होने लगी तो सांसद ने माइक संभालकर सदस्यों को शालीनता से बात करने की नसीहत दी। पूरी बैठक में सदस्य हंगामा करते रहे। इसकी वजह से किसी भी विकास के कार्य पर चर्चा नहीं हो सकी।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सुबह 11 बजे बुलाई गई थी। शनिवार को निर्धारित समय पर नेहरु सभागार में बैठक शुरू हुई। शुरुआत से ही माहौल काफी गरम रहा। जनप्रतिनिधियों के सामने ही जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि पर अनियमितता बरतने के आरोप लगे। एक सदस्य के पति ने अध्यक्ष प्रतिनिधि के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर आरोप लगाए। इससे दोनों के मध्य तल्ख शब्दों के बाण चले। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें राम गोपाल अवस्थी, अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता को झूठा कह रहे है।
रामगोपाल ने कहा कि क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए है। इससे होली, दिवाली व ईद में हम लोग क्षेत्र में नहीं जा सकते। सदन में विकास कार्य सहित जिन बिंदुओं पर चर्चा होने के साथ बजट पर मोहर लगनी थी, वह नहीं हो सका। इससे जिले के तमाम विकास कार्य व मनरेगा से होने वाले काम नहीं हो पाएंगे। इस दौरान सांसद राजेश वर्मा, सांसद अशोक रावत, विधायक रामकृष्ण भार्गव, विधायक ज्ञान तिवारी, विधायक शशांक त्रिवेदी, सीडीओ अक्षत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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पहले ही दी थी हंगामे की सूचना
बताते हैं कि बोर्ड की बैठक में पहले से ही हंगामे की सूचना थी। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर ने एसपी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि मीटिंग में कुछ लोग हंगामा कर सकते हैं। इसलिए बैठक में चुने प्रतिनिधियों को ही जाने दिया जाए। बावजूद इसके अनाधिकृत लोगों ने बैठक में प्रवेश किया। हंगामा हुआ। इसकी पुष्टि करते हुए अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के बाद भी कुछ लोगों ने बैठक में व्यवधान किया। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की चूक रही है।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि भाजपा में दो गुट हो गए हैं। एक गुट अध्यक्ष के साथ है तो दूसरा गुट उन्हें हटाने में लगा है। इसी कारण पिछली बैठक में सदस्यों के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों के न आने के कारण बैठक स्थगित की गई थी। उसी के बाद से शह व मात का खेल चल रहा है। एक दूसरी पार्टी से आए नेता की निगाह अध्यक्ष की सीट पर लगी हुई है।
पार्टी हाईकमान तक पहुंचा है लेनदेन और गुटबाजी का मामला
जानकार सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष को अपने लोग ही गिराने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा में गुटबाजी है। बैठक में इसका खुलासा होना था। इसलिए मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया। सूत्रों का कहना है कि मीटिंग में एक जनप्रतिनिधि ने तो अध्यक्ष प्रतिनिधि और भाजपा के जिम्मेदारों के मध्य लेनदेन के हिसाब का उल्लेख करते हुए इसकी जांच की मांग की।
55 करोड़ का कार्य चहेती फर्म से कराने की बात भी उठी। एक सदस्य ने विधायकों, सदस्यों की समिति बनाकर जांच की मांग उठाई। सूत्रों की माने तो एक सांसद अध्यक्ष से नाराज चल रहे हैं। लेनदेन और गुटबाजी का मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंचा है। इसका असर दिख रहा है। वहीं, रालोद नेता आरपी सिंह चौहान ने कहा कि मीडिया का प्रवेश निषेध का आदेश किसने दिया, जिला प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए।
प्रस्ताव पर नहीं हुई चर्चा
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। प्रस्तावों पर चर्चा करने से सदन ने मना कर दिया। असहमति रही। विस्तृत विचार-विमर्श के लिए आगामी बैठक का आग्रह किया गया है।
- वर्तिका त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
जो सदस्य नहीं थे वे भी सदन में घुस आए
बैठक में पूर्व से ही हंगामे की आशंका थी। सदन में जो सदस्य नहीं थे, वे भी घुस आए। अध्यक्ष ने जब राम गोपाल अवस्थी से कहा कि आप सदस्य नहीं हैं, यहां न बैठे तो उन्होंने कहा कि वे प्रमुख के प्रतिनिधि हैं। जबकि वह किसी भी प्रमुख के प्रतिनिधि होने का एथॉरिटी लेकर नहीं आए थे। सीएम ने भी आदेश जारी किया है कि किसी भी सदस्य का प्रतिनिधि सदन की बैठक में नहीं जाएगा।
बावजूद इसके कई सदस्यों के पति ने सदन की कार्रवाई में बाधा डाली। बैठक स्थगित कराने से संपूर्ण जिले के विकास कार्य अवरुद्ध हो जाएंगे। एक माह बाद बारिश का मौसम है। इससे विकास कार्य नहीं हो पाएंगे।
- शिव कुमार गुप्ता, प्रतिनिधि, अध्यक्ष जिला पंचायत
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सुबह 11 बजे बुलाई गई थी। शनिवार को निर्धारित समय पर नेहरु सभागार में बैठक शुरू हुई। शुरुआत से ही माहौल काफी गरम रहा। जनप्रतिनिधियों के सामने ही जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि पर अनियमितता बरतने के आरोप लगे। एक सदस्य के पति ने अध्यक्ष प्रतिनिधि के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर आरोप लगाए। इससे दोनों के मध्य तल्ख शब्दों के बाण चले। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें राम गोपाल अवस्थी, अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता को झूठा कह रहे है।
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रामगोपाल ने कहा कि क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए है। इससे होली, दिवाली व ईद में हम लोग क्षेत्र में नहीं जा सकते। सदन में विकास कार्य सहित जिन बिंदुओं पर चर्चा होने के साथ बजट पर मोहर लगनी थी, वह नहीं हो सका। इससे जिले के तमाम विकास कार्य व मनरेगा से होने वाले काम नहीं हो पाएंगे। इस दौरान सांसद राजेश वर्मा, सांसद अशोक रावत, विधायक रामकृष्ण भार्गव, विधायक ज्ञान तिवारी, विधायक शशांक त्रिवेदी, सीडीओ अक्षत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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पहले ही दी थी हंगामे की सूचना
बताते हैं कि बोर्ड की बैठक में पहले से ही हंगामे की सूचना थी। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर ने एसपी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि मीटिंग में कुछ लोग हंगामा कर सकते हैं। इसलिए बैठक में चुने प्रतिनिधियों को ही जाने दिया जाए। बावजूद इसके अनाधिकृत लोगों ने बैठक में प्रवेश किया। हंगामा हुआ। इसकी पुष्टि करते हुए अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के बाद भी कुछ लोगों ने बैठक में व्यवधान किया। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की चूक रही है।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि भाजपा में दो गुट हो गए हैं। एक गुट अध्यक्ष के साथ है तो दूसरा गुट उन्हें हटाने में लगा है। इसी कारण पिछली बैठक में सदस्यों के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों के न आने के कारण बैठक स्थगित की गई थी। उसी के बाद से शह व मात का खेल चल रहा है। एक दूसरी पार्टी से आए नेता की निगाह अध्यक्ष की सीट पर लगी हुई है।
पार्टी हाईकमान तक पहुंचा है लेनदेन और गुटबाजी का मामला
जानकार सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष को अपने लोग ही गिराने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा में गुटबाजी है। बैठक में इसका खुलासा होना था। इसलिए मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया। सूत्रों का कहना है कि मीटिंग में एक जनप्रतिनिधि ने तो अध्यक्ष प्रतिनिधि और भाजपा के जिम्मेदारों के मध्य लेनदेन के हिसाब का उल्लेख करते हुए इसकी जांच की मांग की।
55 करोड़ का कार्य चहेती फर्म से कराने की बात भी उठी। एक सदस्य ने विधायकों, सदस्यों की समिति बनाकर जांच की मांग उठाई। सूत्रों की माने तो एक सांसद अध्यक्ष से नाराज चल रहे हैं। लेनदेन और गुटबाजी का मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंचा है। इसका असर दिख रहा है। वहीं, रालोद नेता आरपी सिंह चौहान ने कहा कि मीडिया का प्रवेश निषेध का आदेश किसने दिया, जिला प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए।
प्रस्ताव पर नहीं हुई चर्चा
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। प्रस्तावों पर चर्चा करने से सदन ने मना कर दिया। असहमति रही। विस्तृत विचार-विमर्श के लिए आगामी बैठक का आग्रह किया गया है।
- वर्तिका त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
जो सदस्य नहीं थे वे भी सदन में घुस आए
बैठक में पूर्व से ही हंगामे की आशंका थी। सदन में जो सदस्य नहीं थे, वे भी घुस आए। अध्यक्ष ने जब राम गोपाल अवस्थी से कहा कि आप सदस्य नहीं हैं, यहां न बैठे तो उन्होंने कहा कि वे प्रमुख के प्रतिनिधि हैं। जबकि वह किसी भी प्रमुख के प्रतिनिधि होने का एथॉरिटी लेकर नहीं आए थे। सीएम ने भी आदेश जारी किया है कि किसी भी सदस्य का प्रतिनिधि सदन की बैठक में नहीं जाएगा।
बावजूद इसके कई सदस्यों के पति ने सदन की कार्रवाई में बाधा डाली। बैठक स्थगित कराने से संपूर्ण जिले के विकास कार्य अवरुद्ध हो जाएंगे। एक माह बाद बारिश का मौसम है। इससे विकास कार्य नहीं हो पाएंगे।
- शिव कुमार गुप्ता, प्रतिनिधि, अध्यक्ष जिला पंचायत