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साढ़े तीन हजार आबादी पर मंडराया कटान का खतरा
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बिसवां तहसील क्षेत्र के मेवड़ी छोलहा में कटान करती नदियां। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा (सीतापुर)। बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी ने कटान तेज कर दी है। कटान की जद में आकर चार घर और पानी में समा गए है। साढ़े तीन हजार आबादी के घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। कटान की वजह से लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में कुछ कमी आई है। जलस्तर कम होने से कटान में तेजी आ गई है। म्योढ़ी छोलहा गांव में अनवर अली झोपड़ी डालकर रह रहे थे। इनकी झोपड़ी कटान में समा गई है। अनवर अली पहले ही पलायन करके चले गए थे। इस गांव की करीब तीन हजार आबादी पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
गांव में बनी सड़क पहले ही कटान में कट चुकी है। गांव से कुछ ही दूरी पर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीण भयभीत है। वह लगातार पानी पर नजर बनाए हुए है। दुर्गापुरवा में भी कटान बढ़ती जा रही है। यहां के हरद्वारी, मौजीलाल व रामनाथ के घर कटान में चले गए है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान तेज हो गई है लेकिन प्रशासनिक मदद नहीं मिल पा रही है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह का कहना है कि कटान पर नजर बनाए रखी जा रही है। पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा रही है।
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बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में कुछ कमी आई है। जलस्तर कम होने से कटान में तेजी आ गई है। म्योढ़ी छोलहा गांव में अनवर अली झोपड़ी डालकर रह रहे थे। इनकी झोपड़ी कटान में समा गई है। अनवर अली पहले ही पलायन करके चले गए थे। इस गांव की करीब तीन हजार आबादी पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
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गांव में बनी सड़क पहले ही कटान में कट चुकी है। गांव से कुछ ही दूरी पर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीण भयभीत है। वह लगातार पानी पर नजर बनाए हुए है। दुर्गापुरवा में भी कटान बढ़ती जा रही है। यहां के हरद्वारी, मौजीलाल व रामनाथ के घर कटान में चले गए है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान तेज हो गई है लेकिन प्रशासनिक मदद नहीं मिल पा रही है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह का कहना है कि कटान पर नजर बनाए रखी जा रही है। पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा रही है।
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