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आंधी-पानी में चार और की मौत
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सीतापुर। जिले में आंधी-पानी का कहर जारी है। बुधवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश के बीच तेज हवा चलने का सिलसिला गुरुवार को पूरे दिन-रात जारी रहा। जिले के अलग-अलग हिस्सों में दीवारें गिरने से बालक समेत चार और लोगों की जानें चली गईं जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। शुक्रवार सुबह मिश्रिख-सिधौली मार्ग पर विशालकाय पेड़ गिरने से छह घंटे तक यातायात ठप रहा।
कमलापुर संवाद के अनुसार, थाना क्षेत्र के ज्योतिशाह आलमपुर निवासी पप्पू (40) गुरुवार रात घर में सो रहा था। रात करीब दो बजे बारिश की वजह से कमजोर हुई कच्ची दीवार और उस पर रखा छप्पर युवक पर गिर गया। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे लोगों ने काफी प्रयास कर युवक को मलबे से निकाला लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर तहसीलदार आरपी सिंह, लेखपाल व एसओ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गोंदलामऊ संवाद के अनुसार, संदना इलाके के सरैंया गांव निवासिनी शीला देवी (70) गुरुवार रात घर में सो रही थी। देर रात अचानक बारिश की वजह से कच्ची दीवार और उस पर रखा छप्पर महिला पर गिर गया।
परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से महिला को मलबे से निकाला लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। परिवारीजन का कहना है कि एंबुलेंस समय से मौके पर नहीं पहुंची, इससे महिला की मौत हो गई।
सदरपुर संवाद के अनुसार, थाना क्षेत्र के आहिबरनपुर गांव निवासी रामसिंह (45) खेत में कच्चा मकान बनाकर रहता था। पशुपालन का काम करता था। गुरुवार देर रात वह घर में सो रहा था, इस बीच आंधी-पानी के बीच उसके ऊपर कच्ची दीवार गिर गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में एक कुत्ते की मौत हो गई जबकि दो अन्य मवेशी घायल हो गए।
कुतुबनगर संवाद के अनुसार, पिसावां इलाके के मोहल्ला बस्ती निवासी मुबारक का आठ साल का बेटा ओबेश शुक्रवार सुबह अपने घर के पास खेल रहा था, इस बीच तेज आंधी के थपेड़े से कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। उसके नीचे बालक दब गया।
आननफानन परिवारीजनों ने मलबा हटाकर उसको निकाला, वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिवारीजन बच्चे को लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
वहीं, कल्ली संवाद के अनुसार, सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर तरसावां गांव के पास आम का विशालकाय पेड़ आंधी में उखड़कर बीच सड़क पर गिर गया, इससे दोनों ओर से आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
पेड़ सुबह चार बजे गिरा था। काफी प्रयास के बाद सुबह 10 बजे पेड़ को काटकर रास्ता बहाल किया गया, इससे करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंधी-पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भले ही रात में हुई बारिश के बाद शुक्रवार सुबह से झमाझम नहीं हुई लेकिन बारिश की वजह से समस्याएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को भी जिले में कई जगहों पर पेड़ गिरे। लहरपुर संवाद के अनुसार, इलाके के केसरीगंज में तेज आंधी की वजह से एक विशालकाय पेड़ गांव निवासी शिवकुमार गुप्ता के घर पर भरभरा कर गिर गया।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, महमूदबाद में आंधी की वजह से पक्की दीवार गिर गई, इससे एक कार क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। इसी तरह अटरिया, इमलिया सुल्तानपुर, मछरेहटा, महोली, पिसावां, सकरन, रामपुर कलां, रामपुर मथुरा समेत जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी पेड़ के गिरने और टिन शेड उड़ने की खबरें सामने आईं।
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कमलापुर संवाद के अनुसार, थाना क्षेत्र के ज्योतिशाह आलमपुर निवासी पप्पू (40) गुरुवार रात घर में सो रहा था। रात करीब दो बजे बारिश की वजह से कमजोर हुई कच्ची दीवार और उस पर रखा छप्पर युवक पर गिर गया। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे लोगों ने काफी प्रयास कर युवक को मलबे से निकाला लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
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उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर तहसीलदार आरपी सिंह, लेखपाल व एसओ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गोंदलामऊ संवाद के अनुसार, संदना इलाके के सरैंया गांव निवासिनी शीला देवी (70) गुरुवार रात घर में सो रही थी। देर रात अचानक बारिश की वजह से कच्ची दीवार और उस पर रखा छप्पर महिला पर गिर गया।
परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से महिला को मलबे से निकाला लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। परिवारीजन का कहना है कि एंबुलेंस समय से मौके पर नहीं पहुंची, इससे महिला की मौत हो गई।
सदरपुर संवाद के अनुसार, थाना क्षेत्र के आहिबरनपुर गांव निवासी रामसिंह (45) खेत में कच्चा मकान बनाकर रहता था। पशुपालन का काम करता था। गुरुवार देर रात वह घर में सो रहा था, इस बीच आंधी-पानी के बीच उसके ऊपर कच्ची दीवार गिर गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में एक कुत्ते की मौत हो गई जबकि दो अन्य मवेशी घायल हो गए।
कुतुबनगर संवाद के अनुसार, पिसावां इलाके के मोहल्ला बस्ती निवासी मुबारक का आठ साल का बेटा ओबेश शुक्रवार सुबह अपने घर के पास खेल रहा था, इस बीच तेज आंधी के थपेड़े से कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। उसके नीचे बालक दब गया।
आननफानन परिवारीजनों ने मलबा हटाकर उसको निकाला, वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिवारीजन बच्चे को लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
वहीं, कल्ली संवाद के अनुसार, सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर तरसावां गांव के पास आम का विशालकाय पेड़ आंधी में उखड़कर बीच सड़क पर गिर गया, इससे दोनों ओर से आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
पेड़ सुबह चार बजे गिरा था। काफी प्रयास के बाद सुबह 10 बजे पेड़ को काटकर रास्ता बहाल किया गया, इससे करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंधी-पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भले ही रात में हुई बारिश के बाद शुक्रवार सुबह से झमाझम नहीं हुई लेकिन बारिश की वजह से समस्याएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को भी जिले में कई जगहों पर पेड़ गिरे। लहरपुर संवाद के अनुसार, इलाके के केसरीगंज में तेज आंधी की वजह से एक विशालकाय पेड़ गांव निवासी शिवकुमार गुप्ता के घर पर भरभरा कर गिर गया।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, महमूदबाद में आंधी की वजह से पक्की दीवार गिर गई, इससे एक कार क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। इसी तरह अटरिया, इमलिया सुल्तानपुर, मछरेहटा, महोली, पिसावां, सकरन, रामपुर कलां, रामपुर मथुरा समेत जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी पेड़ के गिरने और टिन शेड उड़ने की खबरें सामने आईं।