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Sitapur News: वन विभाग की टीम को मिले तेंदुए के पगचिह्न
Tue, 09 Jul 2024 04:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 09 Jul 2024 04:10 AM IST
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खैराबाद क्षेत्र में पगचिन्हों की जांच करती वन विभाग की टीम।
खैराबाद (सीतापुर)। तेंदुए के आमद की खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने गंभीरता दिखाई। सोमवार को टीम ने थाना क्षेत्र में मौके पर जाकर देखा तो तेंदुए के पगचिह्न मिले। जिसके बाद टीम ने लोगों को जागरूक किया।
क्षेत्र के भवानीपुर में रविवार सुबह ग्रामीणों ने फिर से जंगली जानवर के पगचिह्नों को देखा था। ग्रामीण तेंदुआ होने की आशंका जता रहे थे। लेकिन विभाग ने मौके पर जाकर जांच नहीं की थी। ग्रामीण नोखे, तेजराम, घनश्याम, सुरेंद्र, धर्मेन्द्र, गुरुप्रसाद आदि ने बताया था कि खाली पड़े खेतों में धान की पौध की रोपाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा एक ही खूटे में एक माह से पशुओं को बांध रखा है। जो पहले चारगाह में चरने जाते थे। इसलिए भूसे की कमी नहीं होती थी। अब भूसा भी खत्म होने वाला है।
सोमवार को वनविभाग की टीम डिप्टी वन रेंजर अभिषेक रंजन पांडेय, वन दरोगा राजकुमार, रामहेत त्रिवेदी और राजेश आदि ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। भवानीपुर क्षेत्र के जंगल से लगभग 800 मीटर दूरी पर रसूलापुर और सधुवापुर गांव के बीच तेंदुए के पगचिह्न मिले। उनको देखकर लग रहा था कि वह जंगल से निकलकर नदी में पानी पीने गया था। दोनों तरफ के पगचिह्न टीम को मिले हैं । रेंजर सुयश ने बताया कि एक टीम मौके पर ही रहती है। जो जांच कर रही है। डिप्टी वन रेंजर अभिषेक रंजन ने बताया कि तेंदुआ बराबर लोकेशन बदल रहा है। पिंजरे की लोकेशन चेंज की जा रही है।
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क्षेत्र के भवानीपुर में रविवार सुबह ग्रामीणों ने फिर से जंगली जानवर के पगचिह्नों को देखा था। ग्रामीण तेंदुआ होने की आशंका जता रहे थे। लेकिन विभाग ने मौके पर जाकर जांच नहीं की थी। ग्रामीण नोखे, तेजराम, घनश्याम, सुरेंद्र, धर्मेन्द्र, गुरुप्रसाद आदि ने बताया था कि खाली पड़े खेतों में धान की पौध की रोपाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा एक ही खूटे में एक माह से पशुओं को बांध रखा है। जो पहले चारगाह में चरने जाते थे। इसलिए भूसे की कमी नहीं होती थी। अब भूसा भी खत्म होने वाला है।
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सोमवार को वनविभाग की टीम डिप्टी वन रेंजर अभिषेक रंजन पांडेय, वन दरोगा राजकुमार, रामहेत त्रिवेदी और राजेश आदि ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। भवानीपुर क्षेत्र के जंगल से लगभग 800 मीटर दूरी पर रसूलापुर और सधुवापुर गांव के बीच तेंदुए के पगचिह्न मिले। उनको देखकर लग रहा था कि वह जंगल से निकलकर नदी में पानी पीने गया था। दोनों तरफ के पगचिह्न टीम को मिले हैं । रेंजर सुयश ने बताया कि एक टीम मौके पर ही रहती है। जो जांच कर रही है। डिप्टी वन रेंजर अभिषेक रंजन ने बताया कि तेंदुआ बराबर लोकेशन बदल रहा है। पिंजरे की लोकेशन चेंज की जा रही है।
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