फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Flood victims spend cold nights under tarpaulin

तिरपाल तले सर्द रातें गुजार रहें बाढ़ पीड़ित

Mon, 22 Nov 2021 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Flood victims spend cold nights under tarpaulin
तंबौर के किशोरगंज मार्ग पर पॉलीथिन व तिरपाल डालकर गुजर बसर कर रहे कटान पीड़ित। - संवाद - फोटो : SITAPUR
बाढ़ में कट गया था मकान
विज्ञापन

बिसवां तहसील के पासिनपुरवा निवासी हरिश्चंद का मकान शारदा व सरयू नदी की चपेट में आ गया था। पूरा मकान कटान में समा गया। जब घर नहीं बचा तो इन्होंने गुरगुजपुर से जंगलटपरी मार्ग पर अपना आशियाना बना लिया है। हरिश्चंद का कहना है कि तहसील प्रशासन की तरफ से अभी मकान बनवाने के लिए जमीन नहीं दी गई है। ऐसे में सड़क के किनारे झोपड़ी डालकर जीवनयापन कर रहे हैं।
तीन माह बाद भी नहीं मिली मदद
पासिनपुरवा के घूरू का मकान करीब तीन माह पहले कटान में बह गया था। इससे घूरू के सामने जीवनयापन की समस्याएं उत्पन्न हो गई। जब कहीं रहने के लिए जमीन नहीं मिली तो झोपड़ी डालकर किसी तरह जिंदगी जी रहे हैं। घूरू का कहना है कि तहसील प्रशासन की तरफ से अभी तक मकान बनाने के लिए न तो कोई मदद मिली हैं, न ही जमीन दिलाई गई है।
विज्ञापन

याद आती है तो बहते हैं आंसू
तंबौर इलाके के किशोरगंज सड़क के किनारे रह रहे छोटे ने बताया कि कभी अपना घर हुआ करता था। जिसे बाढ़ ने छीन लिया। सुबह शाम परिवार संग हंसते रहते थे। लेकिन अब तो घर भी चला गया है। जब अपने घर की याद आती तो आंखों से आंसू निकलने लगते हैं। प्रशासन की तरफ से भी कोई मदद नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं हालचाल ले रहा कोई
किशोरगंज सड़क के किनारे झोपड़ी में जिंदगी गुजार रहे नान्हू ने बताया, बच्चों के साथ सर्द रातों में तिरपाल के नीचे रहकर दिन गुजार रहे हैं। घर नदी की कटान में कट गया था। अब कोई दूसरा विकल्प भी नहीं बचा है। अभी तक सरकारी मदद न मिलने का मलाल है। तहसील से कोई अफसर हालचाल लेने भी नहीं आया है।
रेउसा/तंबौर (सीतापुर)। तराई इलाके में कई दशक बाद आई भयंकर बाढ़ बिसवां तहसील के करीब 400 परिवारों पर आफत बनकर टूटी थी। इन परिवारों के कच्चे, पक्के मकान कटान ने निगल लिए थे। बाढ़ पीड़ितों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है। ये लोग सड़क किनारे तिरपाल व झोपड़ पट्टी डालकर सर्द रातें गुजारने को मजबूर हैं। मुआवजे की आस में तीन माह गुजर गए पर अब भी सरकारी मदद की आस लगाए हैं। कई परिवारों को कटान का मुआवजा मिला तो कई परिवार आज भी मुआवजे की आस लगाए हैं।
बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी ने इस साल तबाही मचाई थी। बाढ़ से तहसील के 100 से अधिक गांव चपेट में आ गए थे। एक सप्ताह तक हालात बहुत ही खराब रहे। जब नदियों का जलस्तर घटा तो कटान तेज हो गई। अगर तहसील प्रशासन की माने तो तहसील में करीब चार सौ लोगों के पक्के-कच्चे मकान नदी में कट गए हैं। जब इनके घर नदी कटान में चले गए तो इनकी जिंदगी में जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
तहसील प्रशासन की तरफ से कोई जमीन मुहैया नहीं कराई गई। इन्होंने सड़कों के किनारे अपने आशियाने बना लिए है। गुरगुजपुर से जंगलटपरी मार्ग पर तमाम परिवार सड़कों के किनारे रहते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह बढ़ईनपुरवा व किशोरगंज मार्ग पर करीब 135 परिवार रह रहे हैं। बढ़ईनपुरवा निवासी झगडू का कहना है कि सब कुछ भगवान भरोसे है। जिन्होंने दिया था, उन्होंने ले लिया।
अब उन्हीं पर भरोसा है। इसी गांव के गिरीश कुमार ने बताया कि अभी तक इसी उम्मीद पर जी रहा हूं कि शायद कोई सरकारी मदद मिलेगी। गांव के अभय कुमार, सतीश, शंभू, सूरज, जयराम, प्रकाश, श्यामू, सुजीत, बृजेश, आदित्य, रुचि कुमारव, मिश्रीलाल आदि 100 से अधिक लोगों की जमीन नदी में कट गई है। कटान का मुआवजा नहीं मिल पाया है।
इसी क्षेत्र के रतनगंज व बैरागीपुर के जगमोहन, सुरेश, कमलेश, अतहर, बुलाकी, मुस्ताक, राममूर्ति, मेवालाल, इब्राहिम, बुद्धिलाल, उमाशंकर, बदलू, हीरालाल, रामलाल व छविलाल सहित तमाम लोगों की करीब 40 एकड़ खेती की जमीन नदी में कट गई थी। जिन्हें कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाई है।

मुआवजा देने की चल रही प्रक्रिया
तहसील क्षेत्र में करीब चार सौ लोगों के मकान नदी में कट गए है। अधिकांश लोगों को घर कटान का मुआवजा दिया जा चुका है। कुछ लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। अगर किसी को मकान कटान का मुआवजा नहीं मिला है तो उसकी जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने पर पूरी मदद की जाएगी।
- अभिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार बिसवां
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed