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फिर उफनाईं नदियां, एक सैकड़ा गांवों में बाढ़ का खतरा
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रेउसा (सीतापुर)। एक सप्ताह शांत रहने के बाद गांजर में बहने वाली सरयू और शारदा नदी फिर उफान पर हैं। सोमवार को 20 सेमी. इजाफे के साथ सरयू का जलस्तर 118.50 मीटर पर पहुंच गया। पानी का बहाव नदी का दायरा लांघकर तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रहा है। तलहटी के खेतों व संपर्क मार्गों पर पानी भरने लगा है। आबादी से महज 30 मीटर दूर लहरें हिलोरें मारती नजर आ रही हैं। एक सैकड़ा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा हैं।
सोमवार को पानी का तेज बहाव लगभग 40 बीघा कृषि योग्य भूमि निगल गया है। प्रशासनिक अमले ने तराई क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। ब्लॉक रेउसा में पिछले दिनों आई बाढ़ से 55 गांवों की लगभग 65 हजार आबादी प्रभावित हुई थी। एक सप्ताह पहले सरयू का पानी घटने से हालात धीरे-धीरे सुधरने लगे थे।
बाढ़ग़्रस्त इलाके में हालात पूरी तरह से सामान्य भी नहीं हो सके थे, कि सोमवार को सरयू का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते नदी के दायरे से बाहर निकलकर तलहटी के खेतों व संपर्क मार्गों पर पानी भरने लगा। सोमवार की शाम तक नदी के किनारे से लगभग तीन किमी दूर तक पानी फैल गया। पानी का तेज बहाव लगातार आबादी के करीब पहुंचता जा रहा है। इससे सरयू के किनारे बसे म्योडीछोलहा, जटपुरवा, फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा, घूसपुरवा, जैतहिया, मरेली, श्रीरामपुरवा, पासिनपुरवा, गोडियनपुरवा, सीपतपुर, रंडाकोडर, दहला, ताहपुर, बजहा, गौढ़ी व गौलोक कोडर के 32 मजरों समेत लगभग एक सैकड़ा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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किसी गांव में पानी महज 15 मीटर तो किसी गांव से 35 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। इससे गांजर में हड़कंप मच गया है। परमेश्वरपुरवा में तेजी से हो रहे कटान के चलते लोग गृहस्थी समेटकर पलायन कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को लगभग 40 बीघा कृषि वाली जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। हालात खराब होते देख प्रशासन की ओर से तराई इलाके में अलर्ट जारी किया जा रहा है। दूसरी ओर ब्लॉक रामपुर मथुरा इलाके में ग्रामीणों की आशंका उस समय सच साबित हो गई जब सरयू के जलस्तर में इजाफा होने लगा। फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर सोमवार को 20 सेमी बढ़त के साथ पानी का बहाव 118.50 मीटर पर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि से तट वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
सोमवार को तीनों बैराजों से पौने चार लाख से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। बनबसा बैराज से 69 हजार 692 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1 लाख 31 हजार 337 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से 1 लाख 83 हजार 780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा पहाड़ों पर होने वाली बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
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सोमवार को पानी का तेज बहाव लगभग 40 बीघा कृषि योग्य भूमि निगल गया है। प्रशासनिक अमले ने तराई क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। ब्लॉक रेउसा में पिछले दिनों आई बाढ़ से 55 गांवों की लगभग 65 हजार आबादी प्रभावित हुई थी। एक सप्ताह पहले सरयू का पानी घटने से हालात धीरे-धीरे सुधरने लगे थे।
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बाढ़ग़्रस्त इलाके में हालात पूरी तरह से सामान्य भी नहीं हो सके थे, कि सोमवार को सरयू का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते नदी के दायरे से बाहर निकलकर तलहटी के खेतों व संपर्क मार्गों पर पानी भरने लगा। सोमवार की शाम तक नदी के किनारे से लगभग तीन किमी दूर तक पानी फैल गया। पानी का तेज बहाव लगातार आबादी के करीब पहुंचता जा रहा है। इससे सरयू के किनारे बसे म्योडीछोलहा, जटपुरवा, फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा, घूसपुरवा, जैतहिया, मरेली, श्रीरामपुरवा, पासिनपुरवा, गोडियनपुरवा, सीपतपुर, रंडाकोडर, दहला, ताहपुर, बजहा, गौढ़ी व गौलोक कोडर के 32 मजरों समेत लगभग एक सैकड़ा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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किसी गांव में पानी महज 15 मीटर तो किसी गांव से 35 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। इससे गांजर में हड़कंप मच गया है। परमेश्वरपुरवा में तेजी से हो रहे कटान के चलते लोग गृहस्थी समेटकर पलायन कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को लगभग 40 बीघा कृषि वाली जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। हालात खराब होते देख प्रशासन की ओर से तराई इलाके में अलर्ट जारी किया जा रहा है। दूसरी ओर ब्लॉक रामपुर मथुरा इलाके में ग्रामीणों की आशंका उस समय सच साबित हो गई जब सरयू के जलस्तर में इजाफा होने लगा। फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर सोमवार को 20 सेमी बढ़त के साथ पानी का बहाव 118.50 मीटर पर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि से तट वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
सोमवार को तीनों बैराजों से पौने चार लाख से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। बनबसा बैराज से 69 हजार 692 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1 लाख 31 हजार 337 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से 1 लाख 83 हजार 780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा पहाड़ों पर होने वाली बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।