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सरयू किनारे के 60 मकानों पर मंडराया कटान का खतरा
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रेउसा (सीतापुर)। गांजर इलाके से होकर बहने वाली सरयू और शारदा नदी का जलस्तर घटने से कटान शुरू हो गया है। हालांकि कटान बेहद धीमी गति से हो रहा है। इसके बावजूद तटीय क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में करीब 30 बीघा जमीन सरयू में समा गई है। जटपुरवा और समयदीन पुरवा के 60 घरों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। इससे भयभीत लोगों ने गृहस्थी सुरक्षित करने की कवायद में जुट गए हैं।
सरयू व शारदा का जलस्तर इन दिनों घटा है। लिहाजा, ब्लॉक रेउसा में फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा, जटपुरवा व समयदीनपुरवा के आसपास कटान होने लगी है। जटपुरवा के युसुफ, छेद्दू, शमीम, जियाउद्दीन, शरीफ, नफीस, फारुख, टिल्लू, और समयदीन पुरवा के लालजी, मायाराम ने बताया कि पिछले तीन दिनों मे लगभग तीस बीघा जमीन सरयू निगल चुकी है।
कटान का खतरा अब बढ़ता जा रहा है। मुजीब के खेत के पास पहुंच चुकी लहरें ग्रामीणों को भयभीत कर रही हैं। गांव के लोगों की मानें तो कटान यदि इसी रफ्तार से होता रहा तो करीब 60 मकानों पर जल्द ही संकट पैदा हो सकता है। खतरे को देखते हुए ग्रामीण अपनी गृहस्थी को धीरे-धीरे सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने लगे हैं। हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन हो रही कटान तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को डरा रही है। उधर, प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर रखे है। प्रधानों, लेखपालों और ग्रामीणों से अलर्ट रहने को कहा गया है।
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एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। नदियों के तटीय इलाकों में बराबर नजर रखी जा रही है। बाढ़ व कटान की रोकथाम में लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
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सरयू व शारदा का जलस्तर इन दिनों घटा है। लिहाजा, ब्लॉक रेउसा में फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा, जटपुरवा व समयदीनपुरवा के आसपास कटान होने लगी है। जटपुरवा के युसुफ, छेद्दू, शमीम, जियाउद्दीन, शरीफ, नफीस, फारुख, टिल्लू, और समयदीन पुरवा के लालजी, मायाराम ने बताया कि पिछले तीन दिनों मे लगभग तीस बीघा जमीन सरयू निगल चुकी है।
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कटान का खतरा अब बढ़ता जा रहा है। मुजीब के खेत के पास पहुंच चुकी लहरें ग्रामीणों को भयभीत कर रही हैं। गांव के लोगों की मानें तो कटान यदि इसी रफ्तार से होता रहा तो करीब 60 मकानों पर जल्द ही संकट पैदा हो सकता है। खतरे को देखते हुए ग्रामीण अपनी गृहस्थी को धीरे-धीरे सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने लगे हैं। हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन हो रही कटान तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को डरा रही है। उधर, प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर रखे है। प्रधानों, लेखपालों और ग्रामीणों से अलर्ट रहने को कहा गया है।
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एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। नदियों के तटीय इलाकों में बराबर नजर रखी जा रही है। बाढ़ व कटान की रोकथाम में लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।