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Sitapur News: हांफ रहे अग्निशमन यंत्र, मुसीबत बढ़ी तो कैसे काम आएंगे
Tue, 28 May 2024 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 28 May 2024 12:47 AM IST
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केस 1
दो माह पहले ही हो गया था खराब
जिला अस्पताल में इमरजेंसी गेट के पास अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। यह यंत्र 20 मार्च 2024 को एक्सपायर्ड हो गया था। अगर अस्पताल में आग की कोई घटना हो जाए तो यह यंत्र सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा। दो माह बीत जाने के बावजूद इसे रिफिल नहीं किया जा सका है।
केस 2
दिखावा बना यंत्र
जिला अस्पताल परिसर में पीडियाट्रिक वार्ड में लगा अग्निशमन यंत्र 20 मार्च 2024 को एक्सपायर्ड हो गया है। यहां पर बच्चे भर्ती हैं। साथ ही बिजली की लाइनें निकली हुईं हैं। इस समय जब गर्मी पड़ रही है तो आग लगने की घटनाएं बढ़ गई है। हादसा होने पर यह यंत्र शोपीस साबित होगा।
केस 3
अंकित नहीं है कोई तिथि
जिला अस्पताल परिसर में बरामदे के पास अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। इस यंत्र पर एक्सपायर्ड की कोई तिथि अंकित नहीं है। इसके लिए यंत्र पर लगाई गई पर्ची फटी हुई है। दूर से देखने से यह पता ही नहीं चल पा रहा है यह यंत्र सही है या खराब है। बावजूद इसके इससे आग पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है।
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सीतापुर। दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से सात नवजातों की मौत हो गई। अगर जिला अस्पताल में आग लगने की कोई घटना हो जाए तो यहां भी हालात बिगड़ सकते हैं। जिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगे यंत्र बेकार हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। दिल्ली की घटना के बाद जिला अस्पताल में आग से बचने के लिए लगे इंतजामों की रियालिटी देखी गई हर कदम पर लापरवाही उजागर हुई।
जिला अस्पताल में इस समय करीब 250 मरीज भर्ती हैं। मेडिकल वार्ड, इमरजेंसी, चिल्ड्रेन वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड, महिला वार्ड, सीनियर सिटीजन वार्ड आदि जगहों पर अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। इनके जरिए आग की घटनाओं पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इनकी समय-समय पर देखरेख नहीं हो रही है। इसी का नतीजा है कि यह एक्सपायर्ड होने के बावजूद लगे हुए है। जबकि दिनभर सीएमएस सहित चिकित्सक व अन्य स्टॉफ गुजरता रहता है। इससे अस्पताल में अगर कोई घटना हो जाए तो इससे निपटना बहुत ही मुश्किल होगा।
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दो माह पहले ही हो गया था खराब
जिला अस्पताल में इमरजेंसी गेट के पास अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। यह यंत्र 20 मार्च 2024 को एक्सपायर्ड हो गया था। अगर अस्पताल में आग की कोई घटना हो जाए तो यह यंत्र सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा। दो माह बीत जाने के बावजूद इसे रिफिल नहीं किया जा सका है।
केस 2
दिखावा बना यंत्र
जिला अस्पताल परिसर में पीडियाट्रिक वार्ड में लगा अग्निशमन यंत्र 20 मार्च 2024 को एक्सपायर्ड हो गया है। यहां पर बच्चे भर्ती हैं। साथ ही बिजली की लाइनें निकली हुईं हैं। इस समय जब गर्मी पड़ रही है तो आग लगने की घटनाएं बढ़ गई है। हादसा होने पर यह यंत्र शोपीस साबित होगा।
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केस 3
अंकित नहीं है कोई तिथि
जिला अस्पताल परिसर में बरामदे के पास अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। इस यंत्र पर एक्सपायर्ड की कोई तिथि अंकित नहीं है। इसके लिए यंत्र पर लगाई गई पर्ची फटी हुई है। दूर से देखने से यह पता ही नहीं चल पा रहा है यह यंत्र सही है या खराब है। बावजूद इसके इससे आग पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है।
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सीतापुर। दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से सात नवजातों की मौत हो गई। अगर जिला अस्पताल में आग लगने की कोई घटना हो जाए तो यहां भी हालात बिगड़ सकते हैं। जिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगे यंत्र बेकार हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। दिल्ली की घटना के बाद जिला अस्पताल में आग से बचने के लिए लगे इंतजामों की रियालिटी देखी गई हर कदम पर लापरवाही उजागर हुई।
जिला अस्पताल में इस समय करीब 250 मरीज भर्ती हैं। मेडिकल वार्ड, इमरजेंसी, चिल्ड्रेन वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड, महिला वार्ड, सीनियर सिटीजन वार्ड आदि जगहों पर अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। इनके जरिए आग की घटनाओं पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इनकी समय-समय पर देखरेख नहीं हो रही है। इसी का नतीजा है कि यह एक्सपायर्ड होने के बावजूद लगे हुए है। जबकि दिनभर सीएमएस सहित चिकित्सक व अन्य स्टॉफ गुजरता रहता है। इससे अस्पताल में अगर कोई घटना हो जाए तो इससे निपटना बहुत ही मुश्किल होगा।