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Sitapur News: अपात्रों को आवास देने पर वीडीओ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
Sun, 17 Mar 2024 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 Mar 2024 12:20 AM IST
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लहरपुर (सीतापुर)। परसेंडी ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में पांच अपात्रों को आवास दिए जाने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के विरुद्ध तालगांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में वीडीओ छह लाख शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के दोषी पाए गए हैं।
परसेंडी विकासखंड की ग्राम पंचायत रिखौना में अपात्रों को आवास देने व पात्रों को वंचित रखने की शिकायत ग्रामीण सहित लाभार्थी की ओर से बीते साल की गई थी। इस मामले में अमर उजाला ने बीते साल 31 दिसंबर के अंक में जिनके पक्के घर उन्हें फिर दे दिया पीएम आवास... शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रकरण को शासन ने गंभीरता से लेते हुए आईजीआरएस के तहत जांच के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। इसकी जांच खंड विकास अधिकारी परसेंडी की ओर से की गई। इसमें वीडीओ लक्ष्मण और प्रधान को दोषी ठहराया गया था। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। मामले में कठोर कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने डीएम को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद मामले में दोषी वीडीओ लक्ष्मण निवासी चंदौली के विरुद्ध सहायक विकास अधिकारी कृषि शिवरतन ने तालगांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें वीडीओ को छह लाख शासकीय धनराशि का दुरुपयोग का दोषी बताया गया है। इसमें दो ग्राम पंचायत के पांच अपात्र आवास लाभार्थियों को लाभान्वित किए जाने के उल्लेख किया गया है।
लाभार्थियों को मनरेगा के तहत किया मजदूरी का भुगतान
प्रकरण में अपात्रों को पीएम आवास दिए जाने का खुलासा होने और उसकी रिपोर्ट डीएम की ओर से शासन को भेजने के बाद प्रधान और सचिव ने तीन आवास लाभार्थियों को रिखौना ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान भी किया है। शिकायतकर्ता ध्रुव कुमार शुक्ला ने बताया कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से दोषी वीडीओ व प्रधान शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। मनरेगा मामले में दोषी पाए गए जिम्मेदारों के विरुद्ध डीएम की ओर से कड़ी कार्रवाई के निर्देश उपयुक्त श्रम रोजगार को दिए गए थे। बावजूद काफी समय के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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परसेंडी विकासखंड की ग्राम पंचायत रिखौना में अपात्रों को आवास देने व पात्रों को वंचित रखने की शिकायत ग्रामीण सहित लाभार्थी की ओर से बीते साल की गई थी। इस मामले में अमर उजाला ने बीते साल 31 दिसंबर के अंक में जिनके पक्के घर उन्हें फिर दे दिया पीएम आवास... शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रकरण को शासन ने गंभीरता से लेते हुए आईजीआरएस के तहत जांच के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। इसकी जांच खंड विकास अधिकारी परसेंडी की ओर से की गई। इसमें वीडीओ लक्ष्मण और प्रधान को दोषी ठहराया गया था। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। मामले में कठोर कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने डीएम को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद मामले में दोषी वीडीओ लक्ष्मण निवासी चंदौली के विरुद्ध सहायक विकास अधिकारी कृषि शिवरतन ने तालगांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें वीडीओ को छह लाख शासकीय धनराशि का दुरुपयोग का दोषी बताया गया है। इसमें दो ग्राम पंचायत के पांच अपात्र आवास लाभार्थियों को लाभान्वित किए जाने के उल्लेख किया गया है।
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लाभार्थियों को मनरेगा के तहत किया मजदूरी का भुगतान
प्रकरण में अपात्रों को पीएम आवास दिए जाने का खुलासा होने और उसकी रिपोर्ट डीएम की ओर से शासन को भेजने के बाद प्रधान और सचिव ने तीन आवास लाभार्थियों को रिखौना ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान भी किया है। शिकायतकर्ता ध्रुव कुमार शुक्ला ने बताया कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से दोषी वीडीओ व प्रधान शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। मनरेगा मामले में दोषी पाए गए जिम्मेदारों के विरुद्ध डीएम की ओर से कड़ी कार्रवाई के निर्देश उपयुक्त श्रम रोजगार को दिए गए थे। बावजूद काफी समय के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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