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Sitapur News: धोखाधड़ी के आरोप में चार राजस्वकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज
Mon, 28 Sep 2026 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:10 AM IST
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सीतापुर। दस्तावेजों में हेरफेर कर श्रेणी तीन की जमीन दूसरे के नाम दर्ज करने के आरोप में चार राजस्वकर्मियों पर शनिवार को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई है। जांच कमेटी की आख्या में दोषी पाए जाने के बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय व अभिलेखागार प्रभारी सुभाष की तहरीर पर कार्रवाई हुई है।
अभिलेखागार प्रभारी के अनुसार एक शिकायत के आधार पर उच्चाधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए थे। सात सितंबर को मिली शिकायत आख्या के अनुसार सदर तहसील के गांव सरैंयामलुही की एक जमीन जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी तीन की जमीन थी। उसे राजस्वकर्मी विपिन यादव, कोमल कटियार, श्याम बाबू मिश्र, राकेश वर्मा (सेवानिवृत्त) ने फर्जीवाड़ा कर नौ अगस्त 2024 को किसी राजू सिंह के नाम दर्ज किया ।
जिन रिकॉर्ड में जमीन की असल जानकारी थी, उसे पत्रावलियों से हटा दिया गया है। सीओ सिटी विनय कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।
जानकारों के अनुसार श्रेणी तीन की जमीन ग्राम समाज की मानी जाती है। उसका पट्टा किया जा सकता है, पट्टा अवधि समाप्त होने पर वह फिर से ग्राम समाज की हो जाती है। जांच आख्या में यह तथ्य निकलकर आया कि तहसीलदार न्यायालय में बिना कंप्यूटरीकृत वाद दर्ज किए, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के राजस्व अभिलेखों में राजू सिंह के नाम पर जमीन को आरोपियों ने दर्ज किया।
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उसका फर्जी तरीके से इंद्राज किया गया। जिसे यह प्रतीत हुआ कि आरोपियों ने अनुचित लाभ पाने के लिए यह काम किया था। जांच आख्या में लहरपुर के क्योंटाना हरदोपट्टी गांव में भी एक फर्जीवाड़ा हुआ जिसमें विपिन कुमार दोषी हैं।
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अभिलेखागार प्रभारी के अनुसार एक शिकायत के आधार पर उच्चाधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए थे। सात सितंबर को मिली शिकायत आख्या के अनुसार सदर तहसील के गांव सरैंयामलुही की एक जमीन जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी तीन की जमीन थी। उसे राजस्वकर्मी विपिन यादव, कोमल कटियार, श्याम बाबू मिश्र, राकेश वर्मा (सेवानिवृत्त) ने फर्जीवाड़ा कर नौ अगस्त 2024 को किसी राजू सिंह के नाम दर्ज किया ।
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जिन रिकॉर्ड में जमीन की असल जानकारी थी, उसे पत्रावलियों से हटा दिया गया है। सीओ सिटी विनय कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।
जानकारों के अनुसार श्रेणी तीन की जमीन ग्राम समाज की मानी जाती है। उसका पट्टा किया जा सकता है, पट्टा अवधि समाप्त होने पर वह फिर से ग्राम समाज की हो जाती है। जांच आख्या में यह तथ्य निकलकर आया कि तहसीलदार न्यायालय में बिना कंप्यूटरीकृत वाद दर्ज किए, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के राजस्व अभिलेखों में राजू सिंह के नाम पर जमीन को आरोपियों ने दर्ज किया।
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उसका फर्जी तरीके से इंद्राज किया गया। जिसे यह प्रतीत हुआ कि आरोपियों ने अनुचित लाभ पाने के लिए यह काम किया था। जांच आख्या में लहरपुर के क्योंटाना हरदोपट्टी गांव में भी एक फर्जीवाड़ा हुआ जिसमें विपिन कुमार दोषी हैं।