{"_id":"abfb6c6159cd192261b013708e3a0f3c","slug":"farmer-use-thriving-seed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नतशील बीज प्रयोग करें किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नतशील बीज प्रयोग करें किसान
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Thu, 02 Jul 2015 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया के प्री खरीफ किसान सम्मेलन एवं गोष्ठी में किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए उत्तम गुणवत्तापरक उन्नतशील बीजों का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
शांती देवी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में चयनित किसानों को बीज वितरण भी वितरित किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, सांसद राजेश वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हमें अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए उत्तम गुणवत्ता वाले उन्नतशील बीज का प्रयोग, फसल की समय पर बुवाई, सिंचाई, खाद, बीमारी एवं कीट नियंत्रण तथा कटाई सभी का ध्यान रखना आवश्यक है।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्य की चर्चा करते हुये बताया कि विभिन्न संस्थानों, विश्व विद्यालयों द्वारा विकसित, नई तकनीकों को कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा ऑन फार्म ट्रायल, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, किसान गोष्ठी प्रशिक्षण, किसान मेला आदि के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है।
कृषकों को खरीफ में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किए जा रहे विभिन्न फसलों जैसे- धान, अरहर, उर्द, तिल, मक्का, चारा, सब्जी की खेती का प्रदर्शन की जानकारी दी।
जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार यादव ने विभाग की योजनाओं के बारे में चर्चा की। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय प्रकाश वर्मा, मानपुर द्वारा पशु बीमा, पशुओं का टीकाकरण, दलहनी चारा तथा कृत्रिम गर्भाधान पर जानकारी दी।
डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कृषि की नवीन तकनीक अपनाने पर जोर दिया तथा कृषकों को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए धान गेहूं की पारंपरिक खेती के अलावा बागवानी भी अपनाने पर जोर दिया।