{"_id":"5fff33a38ebc3e319451c8d1","slug":"farmer-protest-against-government-sitapur-news-lko5597112173","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल हमारी रेट तुम्हारा नहीं चलेगा...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल हमारी रेट तुम्हारा नहीं चलेगा...
विज्ञापन
मानव श्रंखला बनाकर संगतिन किसान मजदूर संगठन ने जताया विरोध।
- फोटो : SITAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुतुबनगर/मिश्रिख/सीतापुर। तीन कृषि कानूनों के विरोध में संगतिन किसान मजदूर संगठन की ओर कुतुबनगर से मिश्रिख मार्ग पर सात किमी. मानव श्रंखला बनाई गई। फसल हमारी रेट तुम्हारा नहीं चलेगा... जैसे गगनभेदी नारे लगाए। नए कानून से किसान व श्रमिकों को होनी वाली समस्याओं को उजागर किया।
संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले कुतुबनगर से मिश्रिख तक लगभग सात किलोमीटर मानव श्रंखला बनाकर श्रमिक व किसान विरोधी कानूनों का विरोध किया गया। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों मजदूरों और किसानों ने भाग लिया। कुतुबनगर- मिश्रित मार्ग पर सुबह नौ बजे से ही किसान और मजदूर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे।
सभी संगठन की अगुवाकार ऋचा सिंह का इंतजार करने लगे। दोपहर लगभग दो बजे ऋचा सिंह के पहुंचते ही लोगों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। किसान विरोधी तीनों कानून वापस लो, फसल हमारी बीज तुम्हारे नहीं चलेगा, फसल हमारी रेट तुम्हारा नहीं चलेगा, कंपनी की छूट किसानों की लूट, नहीं चलेगा... जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
विज्ञापन
इस आंदोलन में श्याम लाल, रामलली, श्यामवती, शिव प्यारी, रामदुलारी, कलावती, जयश्री, रामकली, गुड्डू, राकेश कुमार, ऋ षि वर्मा, श्यामलाल, हरीकरण, संतोष कुमार, जयचंद्र, मिथलेश, कमलेश आदि किसान और मजदूरों मानव श्रंखला में प्रतिभाग किया।
विज्ञापन
संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले कुतुबनगर से मिश्रिख तक लगभग सात किलोमीटर मानव श्रंखला बनाकर श्रमिक व किसान विरोधी कानूनों का विरोध किया गया। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों मजदूरों और किसानों ने भाग लिया। कुतुबनगर- मिश्रित मार्ग पर सुबह नौ बजे से ही किसान और मजदूर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे।
विज्ञापन
सभी संगठन की अगुवाकार ऋचा सिंह का इंतजार करने लगे। दोपहर लगभग दो बजे ऋचा सिंह के पहुंचते ही लोगों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। किसान विरोधी तीनों कानून वापस लो, फसल हमारी बीज तुम्हारे नहीं चलेगा, फसल हमारी रेट तुम्हारा नहीं चलेगा, कंपनी की छूट किसानों की लूट, नहीं चलेगा... जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
विज्ञापन
इस आंदोलन में श्याम लाल, रामलली, श्यामवती, शिव प्यारी, रामदुलारी, कलावती, जयश्री, रामकली, गुड्डू, राकेश कुमार, ऋ षि वर्मा, श्यामलाल, हरीकरण, संतोष कुमार, जयचंद्र, मिथलेश, कमलेश आदि किसान और मजदूरों मानव श्रंखला में प्रतिभाग किया।