सीतापुर। लखनऊ में आयोजित होने वाली किसान पंचायत के मद्देनजर कई किसान नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। पुलिस की मुस्तैदी से किसानों की मंशा पर पानी फिर गया। इसको लेकर किसान नेताओं ने रोष व्यक्त किया है।
किसान पंचायत को लेकर लगातार तीन दिनों से पुलिस और प्रशासनिक महकमा अलर्ट मोड पर था। राकेश टिकैत के आह्वान पर होने वाली किसान पंचायत को लेकर जिले में भी किसान नेता लगातार किसानों सें संपर्क साध रहे थे। भारी संख्या में किसान नेताओं की लखनऊ जाने की तैयारी थी। इसी बीच शनिवार को किसान मंच के राष्ट्रीय सचिव शिव प्रकाश सिंह को ढोलई कलां उनके निवास पर आधी रात को नजरबंद कर दिया गया।
मोर्चा संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह सहित सिख संगठन जिला अध्यक्ष गुरुपाल सिंह को भी सुबह से ही उनके निवास पर रोक लिया गया। किसान नेताओं ने मौके पर पहुंचे सीओ सिटी सुशील सिंह को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि तीन काले कृषि कानून, जिनमें एमएसपी की गारंटी, बिजली, संशोधन बिल की वापसी के लिए आंदोलन हुआ था। सरकार द्वारा किए गए लिखित समझौते के बावजूद कोई अमल नहीं किया गया। शहीद किसानों को न सहायता राशि दी गई और न ही मुआवजा। किसानों पर चल रहे मुकदमों की वापसी भी नहीं की गई है।