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Sitapur News: तीन साल बाद भी नहीं मिली पारिवारिक लाभ योजना की धनराशि
Tue, 19 Sep 2023 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 19 Sep 2023 12:29 AM IST
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केस-1
तहसील सदर के ग्राम सहरोई कालिकाबक्श की शिवरानी ने तीन साल पहले पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि पाने के लिए आवेदन किया था। तहसील के कर्मचारियों की ओर से जांच में इन्हें योजना के लिए पात्र पाया था। लाभ दिए जाने की एसडीएम ने संस्तुति की थी। बावजूद इसके सहायता राशि नहीं मिल सकी है। वह बैंक और जिम्मेदारों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
केस-2
एलिया ब्लॉक की नौरंगपुर निवासी सुनीता ने योजना का लाभ लेने के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। करीब सवा तीन साल पहले हुई जांच पड़ताल में इनको पात्र पाया गया था। बावजूद इसके योजना में मिलने वाली धनराशि इनके बैंक खाते में नहीं पहुंची।
सीतापुर। पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। बीते तीन साल से लाभार्थी भटक रहे हैं, उन्हें अभी तक योजना की धनराशि नहीं मिल सकी है। वर्तमान वित्तीय साल में विभागीय वेबसाइट की खामियों के कारण किसी भी लाभार्थी को धनराशि न मिलने से वे जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं।
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पारिवारिक लाभ योजना के तहत जरूरतमंद परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत पर समाज कल्याण विभाग की ओर से 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। योजना के तहत तमाम लाभार्थियों को काफी समय से लाभ नहीं मिला है। चकिया की रामप्यारी, बेलगवां की सुनीता, बसेती की पिंकी, अंबोवा की कोकिला, कचनार की मीरा, दहेलिया की पिंंकी आदि को दो साल बीत जाने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिला है।
इस साल आवेदन किए गए 897, धनराशि किसी को नहीं
वर्तमाल साल के शुरुआत से ही योजना संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। विभाग की वेबसाइट पर पहले आवेदन ही नहीं हो रहे थे। लाभार्थी इसके लिए भटक रहे थे। कुछ समय पूर्व इस समस्या का समाधान किया गया तो ऑनलाइन आवेदन तो हो रहे हैं लेकिन अफसर इनका निस्तारण नहीं कर सकते। उनकी लॉगिन नहीं चल रही है। योजना की वेबसाइट पर 897 ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। इनमें से पीएफएमएस की ओर से 319 आवेदन ही स्वीकार किए गए हैं। 53 आवेदन अस्वीकार किए हैं। शेष आवेदनों की क्या स्थिति है, यह जानकारी न होने से असमंजस की स्थिति बनी है।
पारिवारिक लाभ योजना की वेबसाइट पर पटल सहायक और अधिकारी का लॉगिन नहीं खुल रहा है। इससे आवेदनों का निस्तारण नहीं हो सका है। इस संबंध में निदेशालय स्तर से शीघ्र ही समाधान किया जाएगा।
- हर्ष मवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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तहसील सदर के ग्राम सहरोई कालिकाबक्श की शिवरानी ने तीन साल पहले पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि पाने के लिए आवेदन किया था। तहसील के कर्मचारियों की ओर से जांच में इन्हें योजना के लिए पात्र पाया था। लाभ दिए जाने की एसडीएम ने संस्तुति की थी। बावजूद इसके सहायता राशि नहीं मिल सकी है। वह बैंक और जिम्मेदारों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
केस-2
एलिया ब्लॉक की नौरंगपुर निवासी सुनीता ने योजना का लाभ लेने के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। करीब सवा तीन साल पहले हुई जांच पड़ताल में इनको पात्र पाया गया था। बावजूद इसके योजना में मिलने वाली धनराशि इनके बैंक खाते में नहीं पहुंची।
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सीतापुर। पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। बीते तीन साल से लाभार्थी भटक रहे हैं, उन्हें अभी तक योजना की धनराशि नहीं मिल सकी है। वर्तमान वित्तीय साल में विभागीय वेबसाइट की खामियों के कारण किसी भी लाभार्थी को धनराशि न मिलने से वे जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं।
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पारिवारिक लाभ योजना के तहत जरूरतमंद परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत पर समाज कल्याण विभाग की ओर से 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। योजना के तहत तमाम लाभार्थियों को काफी समय से लाभ नहीं मिला है। चकिया की रामप्यारी, बेलगवां की सुनीता, बसेती की पिंकी, अंबोवा की कोकिला, कचनार की मीरा, दहेलिया की पिंंकी आदि को दो साल बीत जाने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिला है।
इस साल आवेदन किए गए 897, धनराशि किसी को नहीं
वर्तमाल साल के शुरुआत से ही योजना संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। विभाग की वेबसाइट पर पहले आवेदन ही नहीं हो रहे थे। लाभार्थी इसके लिए भटक रहे थे। कुछ समय पूर्व इस समस्या का समाधान किया गया तो ऑनलाइन आवेदन तो हो रहे हैं लेकिन अफसर इनका निस्तारण नहीं कर सकते। उनकी लॉगिन नहीं चल रही है। योजना की वेबसाइट पर 897 ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। इनमें से पीएफएमएस की ओर से 319 आवेदन ही स्वीकार किए गए हैं। 53 आवेदन अस्वीकार किए हैं। शेष आवेदनों की क्या स्थिति है, यह जानकारी न होने से असमंजस की स्थिति बनी है।
पारिवारिक लाभ योजना की वेबसाइट पर पटल सहायक और अधिकारी का लॉगिन नहीं खुल रहा है। इससे आवेदनों का निस्तारण नहीं हो सका है। इस संबंध में निदेशालय स्तर से शीघ्र ही समाधान किया जाएगा।
- हर्ष मवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी