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धान खरीद शुरू होने से खिले चेहरे
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सीतापुर। आखिरकार किसान संगठनों का संघर्ष रंग लाया। तय समय से पूर्व बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित नवीन गल्ला मंडी में स्थापित धान क्रय केन्द्रों पर तौल शुरू होने से किसानों के चेहरे खिल गए। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर क्रय केंद्र पर गांजर क्षेत्र रेउसा से आए किसान चरन सिंह ने नमी मापक यंत्र से धान ओके कराकर ट्रॉली से धान उतारकर तौल कराई। धान तौल जाने के बाद उनका चेहरा खिल गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने एक-एक करके लाए गए धान की तौल कराई।
मंगलवार को किसान संयुक्त किसान मोर्चा के धरने पर बैठने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। 13 अक्तूबर को धान की ट्रॉलियों सहित डीएम कार्यालय का घेराव की चेतावनी दी थी। मामले को देखते हुए प्रशासन ने किसानों की समस्या को शासन में बताते हुए अनुमति लेकर बुधवार को क्रय केन्द्रों का संचालन कराया। इससे नवीन मंडी स्थल का नजारा खुशनुमा माहौल में नजर आया। किसान संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दोपहर को धान तौल शुरू हुई।
दोपहर करीब एक बजे हरगांव से आए किसान जसवीर सिंह ने बताया, काफी प्रयासों के बाद धान क्रय केंद्र शुरू हुआ है। धान रखने के लिए दिक्कत हो रही थी, अब इससे निजात मिल जाएगी। ट्रॉली से लेकर आए धान की तौल कराने के बाद अपने सहयोगियों की सराहना की। जिनके प्रयास यह दिन देखने को मिला। महोली के किसान अनुराग ने क्रय केन्द्र की औपचारिकताएं पूर्ण कराने के बाद धान की तौल कराई। इसी तरह अन्य किसानों का धान क्रय केंद्रों पर तौला गया।
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क्रय केन्द्र न खुलने से मंडी में बेचा धान
महोली से आए किसान मनीष सिंह ने बताया, हरगांव के क्रय केन्द्र पर धान की तौल करानी थी। लेकिन केन्द्र दोपहर तक नहीं खुल सका है। वह मायूस दिखे। उन्होंने कहा इंतजार करने से बेहतर इसे मंडी में बेच दें। उन्होंने अपना धान मंडी कम मूल्य पर बेच दिया। बोले इससे नुकसान हुआ है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रयास से शुरू हुई तौल
संयुक्त किसान मोर्चा के लगातार संघर्ष व प्रयासों से एक नवंबर के बजाय 13 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हो गई। मोर्चा के संयोजक पंदर सिंह सिद्धू ने बताया किसान हित में हम सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। एक अक्तूबर से धान क्रय केन्द्र शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन से वार्ता की गई, लेकिन जिला प्रशासन का पांच अक्तूबर से खरीद शुरू करने का आश्वासन झूठा साबित हुआ।
मंडी समिति में पांच अक्टूबर को अपना धान लेकर पहुंचे किसानों और संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मंडी में प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के बाद हुए लिखित समझौते में जिला प्रशासन ने 12 अक्तूबर से क्रय केंद्र खोलने का लिखित समझौता किया। इससे प्रशासन को बुधवार को धान खरीद शुरू करनी पड़ी। इस मौके पर क्रय केंद्र निरीक्षण में अल्पना सिंह, गुरु पाल सिंह सहित किसान साथी उपस्थित रहे।
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मंगलवार को किसान संयुक्त किसान मोर्चा के धरने पर बैठने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। 13 अक्तूबर को धान की ट्रॉलियों सहित डीएम कार्यालय का घेराव की चेतावनी दी थी। मामले को देखते हुए प्रशासन ने किसानों की समस्या को शासन में बताते हुए अनुमति लेकर बुधवार को क्रय केन्द्रों का संचालन कराया। इससे नवीन मंडी स्थल का नजारा खुशनुमा माहौल में नजर आया। किसान संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दोपहर को धान तौल शुरू हुई।
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दोपहर करीब एक बजे हरगांव से आए किसान जसवीर सिंह ने बताया, काफी प्रयासों के बाद धान क्रय केंद्र शुरू हुआ है। धान रखने के लिए दिक्कत हो रही थी, अब इससे निजात मिल जाएगी। ट्रॉली से लेकर आए धान की तौल कराने के बाद अपने सहयोगियों की सराहना की। जिनके प्रयास यह दिन देखने को मिला। महोली के किसान अनुराग ने क्रय केन्द्र की औपचारिकताएं पूर्ण कराने के बाद धान की तौल कराई। इसी तरह अन्य किसानों का धान क्रय केंद्रों पर तौला गया।
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क्रय केन्द्र न खुलने से मंडी में बेचा धान
महोली से आए किसान मनीष सिंह ने बताया, हरगांव के क्रय केन्द्र पर धान की तौल करानी थी। लेकिन केन्द्र दोपहर तक नहीं खुल सका है। वह मायूस दिखे। उन्होंने कहा इंतजार करने से बेहतर इसे मंडी में बेच दें। उन्होंने अपना धान मंडी कम मूल्य पर बेच दिया। बोले इससे नुकसान हुआ है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रयास से शुरू हुई तौल
संयुक्त किसान मोर्चा के लगातार संघर्ष व प्रयासों से एक नवंबर के बजाय 13 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हो गई। मोर्चा के संयोजक पंदर सिंह सिद्धू ने बताया किसान हित में हम सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। एक अक्तूबर से धान क्रय केन्द्र शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन से वार्ता की गई, लेकिन जिला प्रशासन का पांच अक्तूबर से खरीद शुरू करने का आश्वासन झूठा साबित हुआ।
मंडी समिति में पांच अक्टूबर को अपना धान लेकर पहुंचे किसानों और संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मंडी में प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के बाद हुए लिखित समझौते में जिला प्रशासन ने 12 अक्तूबर से क्रय केंद्र खोलने का लिखित समझौता किया। इससे प्रशासन को बुधवार को धान खरीद शुरू करनी पड़ी। इस मौके पर क्रय केंद्र निरीक्षण में अल्पना सिंह, गुरु पाल सिंह सहित किसान साथी उपस्थित रहे।