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मानक पर खरे नहीं परीक्षा केंद्र

Thu, 11 Feb 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर Updated Thu, 11 Feb 2016 11:18 PM IST
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examination center are substandard

जिले में ऐसे कई परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं, जो मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। हालात यह है कि कहीं फर्नीचर तो कहीं बिजली का कनेक्शन नहीं है। इसके अलावा स्कूल तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्गों की हालत बहुत ही डावांडोल है।

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इससे बोर्ड परीक्षार्थियों को स्कूल तक पहुंचने में दुश्वारियां उठानी पड़ेगी। 18 फरवरी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिले में 171 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अधिकांश ऐसे केंद्र बना दिए गए हैं, जहां पर सुविधाओं की दरकारहै।
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मानकविहीन होने के बावजूद इनको इस बार केंद्र बना दिया गया है। इस बार बोर्ड परीक्षा में केंद्रों का श्रेणीकरण नहीं किया जाएगा। इसके पीछे विभाग का तर्क है कि पिछले पांच वर्षों से जिले के किसी भी केंद्र पर कोई नकल नहीं पकड़ी गई। इसके अलावा कोई भी कॉलेज ब्लैक लिस्टेड नहीं है।
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इसी वजह से इस बार न तो संवेदनशील और न ही अतिसंवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं। पिसावां कस्बे का डीह कबीरा बाबा शिक्षण संस्थान हाईस्कूल सेरवाडीह। यह स्कूल इस बार बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां पर अव्यवस्थाओं की भरमार है। प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है।

न तो बिजली है न ही जनरेटर की व्यवस्था। कमरों की खिड़कियां खेत की तरफ खुलती हैं। इसके अलावा पिसावां महोली मेन मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अंदर की ओर स्कूल बना हुआ है। यह मार्ग उबड़-खाबड़ है। जिससे विद्यार्थियों को यहां तक पहुंचने के लिए दुश्वारियां उठानी पड़ेंगी।

ऐसे ही हालात चाइल्ड हेराल्ड इंटर कॉलेज के भी है। महोली तहसील का बाबूराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय। यहां पर बांउडीवॉल नहीं है। जिससे कमरों की खिड़कियां खेत की तरफ खुलती हैं। इनमें जाली भी नहीं लगी है। इसके अलावा स्कूल में प्रसाधन की कोई व्यवस्था नहीं है।


स्कूल में पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। बिजली कनेक्शन भी नहीं है। इसके अलावा बिल्डिंग मानक के अनुसार नहीं बनी है। उबड़-खाबड़ तरीके से कक्ष बने हुए हैं। रोड के इतने नीचे स्कूल बना है कि सड़क पर खड़े होकर स्कूल की हर गतिविधि आसानी से देखी जा सकती है।

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