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कटान तेज, तीन घर नदी में समाए
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तंबौर के बरक्षता गांव में कटान रोकने के लिए डाली गई बोरियां व लगे बम्बू। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
तंबौर (सीतापुर)। लहरपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी ने कटान तेज कर दी है। लगातार कटान से लीलापुरवा के अस्तित्व को बचना मुश्किल हो रहा है। कटान से गांव के तीन घर कुछ ही देर में पानी में समा गए। 15 घरों पर कटान का खतरा बना हुआ है। ग्राम पंचायत रमुआपुर के मजरे लीलापुरवा गांव के राजू, विनोद व उनकी मां के घर बीती रात देखते ही देखते कटान में समा गए।
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए बम्बू दिखावा बनकर रह गए। बोरियों में बालू भरकर अफसरों ने कटान रोकने की कोशिश की है। अब गांव के करीब 15 घरों के बाशिंदों की धड़कनें तेज हो गई हैं। लीलापुरवा में जारी कटान के बाद इसी ग्राम पंचायत के मजरा बरक्षता के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय भी नदी के मुहाने पर हैं। नदी व विद्यालय के बीच महज 20 मीटर का फासला बाकी है। अगर नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो विद्यालयों का बचना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामवासी गुड्डू, रामचंद्र, गुरचरन, छोटन व रामनिवास का कहना है कि नदी का तेज वेग इसी रफ्तार से चला तो बरक्षता गांव को बचाने के लिये सिंचाई विभाग की बनाई गई परियोजना नदी की भेंट चढ़ जाएगी। मौके की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग बम्बू बोरी जरूर डलवा रहा है। लेकिन यह प्रयास पूरी तरह असफल होता दिखाई दे रहा है।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ पुष्कर वर्मा सूचना पर जरूर पहुंचे लेकिन लेखपाल के अलावा कोई प्रशासनिक अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में कटान का खौफ बना हुआ है।
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कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए बम्बू दिखावा बनकर रह गए। बोरियों में बालू भरकर अफसरों ने कटान रोकने की कोशिश की है। अब गांव के करीब 15 घरों के बाशिंदों की धड़कनें तेज हो गई हैं। लीलापुरवा में जारी कटान के बाद इसी ग्राम पंचायत के मजरा बरक्षता के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय भी नदी के मुहाने पर हैं। नदी व विद्यालय के बीच महज 20 मीटर का फासला बाकी है। अगर नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो विद्यालयों का बचना मुश्किल हो जाएगा।
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ग्रामवासी गुड्डू, रामचंद्र, गुरचरन, छोटन व रामनिवास का कहना है कि नदी का तेज वेग इसी रफ्तार से चला तो बरक्षता गांव को बचाने के लिये सिंचाई विभाग की बनाई गई परियोजना नदी की भेंट चढ़ जाएगी। मौके की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग बम्बू बोरी जरूर डलवा रहा है। लेकिन यह प्रयास पूरी तरह असफल होता दिखाई दे रहा है।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ पुष्कर वर्मा सूचना पर जरूर पहुंचे लेकिन लेखपाल के अलावा कोई प्रशासनिक अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में कटान का खौफ बना हुआ है।