{"_id":"687d359aef8b5c4d380bff62","slug":"enthusiasm-for-offering-water-to-bholenath-among-child-kanwadis-sitapur-news-c-102-1-stp1002-136732-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: बाल कांवड़ियों में भोलेनाथ के जलाभिषेक का उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: बाल कांवड़ियों में भोलेनाथ के जलाभिषेक का उत्साह
Sun, 20 Jul 2025 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
बाल कांवड़ियों में दिखा जोश।
पिसावां (सीतापुर)। महोली के पैलाकीसा गांव से करीब 100 कांवड़ियों का जत्था राजघाट से गंगाजल भरकर लखीमपुर स्थित गोला गोकर्णनाथ जा रहा है। शनिवार शाम कस्बे के राष्ट्रीय माध्यमिक विद्यालय में बने कांवड़िया स्थल पर जत्थे में शामिल लोग पहुंचे। यहां रात्रि विश्राम के बाद कांवड़िये आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।
इस जत्थे में 40 बाल कांवड़िये भी शामिल थे। बिना रुके... बिना थके बोल बम के नारे लगाते हुए बाल कांवड़िये पैदल यात्रा कर रहे हैं। बाल कांवड़ियों में आठ साल से लेकर 15 साल के बच्चे भी शामिल हैं। भोले की भक्ति में डूबे अमित पांडेय बताते हैं कि वह पहली बार राजघाट से गंगाजल भरकर लाए हैं। पैरों में छाले पड़ जाने के बाद भी वह पट्टी बांधकर यात्रा कर रहे हैं।
रजनीश अपने पैरों में पड़े छालों को लेकर कहते हैं कि यह तो भोले बाबा का प्रसाद है। यदि हम उनके लिए इतना कष्ट नहीं सहेंगे तो कांवड़ लाने से क्या फायदा। लवकुश ने बताया कि उनकी यह दूसरी कांवड़ यात्रा है। उनके गांव से राजघाट की दूरी करीब 180 किमी है। बुधवार को यात्रा का शुभारंभ किया था। सोमवार सुबह गोला गोकर्ण नाथ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। इस जत्थे में राजमौर्य अंबुज, रवि, कोमल मौर्या, जसमन मौर्या, जीतू आदि बाल कांवड़िये शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस जत्थे में 40 बाल कांवड़िये भी शामिल थे। बिना रुके... बिना थके बोल बम के नारे लगाते हुए बाल कांवड़िये पैदल यात्रा कर रहे हैं। बाल कांवड़ियों में आठ साल से लेकर 15 साल के बच्चे भी शामिल हैं। भोले की भक्ति में डूबे अमित पांडेय बताते हैं कि वह पहली बार राजघाट से गंगाजल भरकर लाए हैं। पैरों में छाले पड़ जाने के बाद भी वह पट्टी बांधकर यात्रा कर रहे हैं।
विज्ञापन
रजनीश अपने पैरों में पड़े छालों को लेकर कहते हैं कि यह तो भोले बाबा का प्रसाद है। यदि हम उनके लिए इतना कष्ट नहीं सहेंगे तो कांवड़ लाने से क्या फायदा। लवकुश ने बताया कि उनकी यह दूसरी कांवड़ यात्रा है। उनके गांव से राजघाट की दूरी करीब 180 किमी है। बुधवार को यात्रा का शुभारंभ किया था। सोमवार सुबह गोला गोकर्ण नाथ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। इस जत्थे में राजमौर्य अंबुज, रवि, कोमल मौर्या, जसमन मौर्या, जीतू आदि बाल कांवड़िये शामिल हैं।
विज्ञापन