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Sitapur News: भीषण गर्मी में लो वोल्टेज से 500 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमराई
Thu, 13 Jun 2024 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 13 Jun 2024 01:20 AM IST
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रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम गोंडादेवरिया में लोवोल्टेज व अघोषित कटौती के कारण लोग हाथ के पंखे
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बांसुरा विद्युत उपकेंद्र के दायरे में करीब 500 गांवों में लो वोल्टेज से बिजली उपकरण शोपीस बन गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ग्रामीण उपयोग ही नहीं कर पा रहे हैं। भीषण गर्मी में लो वोल्टेज की समस्या से करीब साढ़े पांच लाख की आबादी का बुरा हाल है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने वोल्टेज में सुधार की मांग की है।
गर्मी का पारा चढ़ते ही विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई है। पुराने जर्जर तार व कम क्षमता के ट्रांसफार्मर होने से करीब एक माह से क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। पर्याप्त वोल्टेज के अभाव में पंखे व कूलर समेत सभी इलेक्ट्राॅनिक उपकरण शोपीस बन गए हैं। बांसुरा विद्युत उपकेंद्र से लगभग 500 गांव जुड़े हैं। विभागीय जानकार बताते हैं कि जिस अनुपात में गांवों का विद्युतीकरण किया गया उस अनुपात में पॉवर हाउस की क्षमता को नहीं बढ़ाया गया। इससे हर साल गर्मी के सीजन में लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
बुधवार की दोपहर अभनापुर गांव में शिवबहादुर अपने बरामदे में बैठे हाथ का पंखा चला रहे थे। उन्होंने बताया कि दिन में मुश्किल से दो घंटे बिजली आती है। उसमें भी पांच-पांच मिनट पर कटौती होती है। वहीं, थोड़ी दूर पर बैठे गुड्डू ने बताया कि जब से गर्मी शुरू हुई है, बिजली रात में कुछ देर ही मिलती है। उसमें भी वोल्टेज इतना कम होता है कि पंखे से हवा लगती ही नहीं। देवरिया में एक पेड़ के नीचे बैठे लक्षराम व बुद्धा ने बताया कि बिजली बमुश्किल आठ से 10 घंटा मिलती है। दिन में ज्यादातर कटौती रहती है। गर्मी से बचने के लिए हम सब रोज इसी पेड़ के नीचे शाम तक बैठे रहते हैं। रामनरेश अवस्थी के घर के सारे लोग बरामदे में बैठकर हाथ का पंखा डोलाकर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, बैठी शिवरानी ने बताया कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी पंखा धीरे-धीरे चलता है। हाथ के पंखे से काम चलाना पड़ता है। सिंगहिया गांव में किराने की दुकान पर बैठे लोग भी गर्मी से बेहाल दिखे। साहिल ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण घर में लगा फ्रिज, कूलर आदि खराब हो गए हैं। पंखा भी एक बार फुंक चुका है। अभय सिंह ने बताया कि काफी पैसा खर्च कर गर्मी से बचने के लिए पंखे व कूलर लगवाए थे, लेकिन वोल्टेज बहुत कम आने से उसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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समस्या के समाधान के किए जा रहे प्रयास
गर्मी में ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक बढ़ जाने के कारण लो वोल्टेज की समस्या बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- विजय गोयल, एसडीओ विद्युत बांसुरा उपकेंद्र
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गर्मी का पारा चढ़ते ही विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई है। पुराने जर्जर तार व कम क्षमता के ट्रांसफार्मर होने से करीब एक माह से क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। पर्याप्त वोल्टेज के अभाव में पंखे व कूलर समेत सभी इलेक्ट्राॅनिक उपकरण शोपीस बन गए हैं। बांसुरा विद्युत उपकेंद्र से लगभग 500 गांव जुड़े हैं। विभागीय जानकार बताते हैं कि जिस अनुपात में गांवों का विद्युतीकरण किया गया उस अनुपात में पॉवर हाउस की क्षमता को नहीं बढ़ाया गया। इससे हर साल गर्मी के सीजन में लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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बुधवार की दोपहर अभनापुर गांव में शिवबहादुर अपने बरामदे में बैठे हाथ का पंखा चला रहे थे। उन्होंने बताया कि दिन में मुश्किल से दो घंटे बिजली आती है। उसमें भी पांच-पांच मिनट पर कटौती होती है। वहीं, थोड़ी दूर पर बैठे गुड्डू ने बताया कि जब से गर्मी शुरू हुई है, बिजली रात में कुछ देर ही मिलती है। उसमें भी वोल्टेज इतना कम होता है कि पंखे से हवा लगती ही नहीं। देवरिया में एक पेड़ के नीचे बैठे लक्षराम व बुद्धा ने बताया कि बिजली बमुश्किल आठ से 10 घंटा मिलती है। दिन में ज्यादातर कटौती रहती है। गर्मी से बचने के लिए हम सब रोज इसी पेड़ के नीचे शाम तक बैठे रहते हैं। रामनरेश अवस्थी के घर के सारे लोग बरामदे में बैठकर हाथ का पंखा डोलाकर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, बैठी शिवरानी ने बताया कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी पंखा धीरे-धीरे चलता है। हाथ के पंखे से काम चलाना पड़ता है। सिंगहिया गांव में किराने की दुकान पर बैठे लोग भी गर्मी से बेहाल दिखे। साहिल ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण घर में लगा फ्रिज, कूलर आदि खराब हो गए हैं। पंखा भी एक बार फुंक चुका है। अभय सिंह ने बताया कि काफी पैसा खर्च कर गर्मी से बचने के लिए पंखे व कूलर लगवाए थे, लेकिन वोल्टेज बहुत कम आने से उसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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समस्या के समाधान के किए जा रहे प्रयास
गर्मी में ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक बढ़ जाने के कारण लो वोल्टेज की समस्या बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- विजय गोयल, एसडीओ विद्युत बांसुरा उपकेंद्र