{"_id":"685ee1c6ac245e22270adede","slug":"ed-collected-information-about-alkas-election-expenses-and-transport-business-sitapur-news-c-102-1-slko1037-135303-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: ईडी ने जुटाई अलका के चुनावी खर्च व ट्रांसपोर्ट कारोबार की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: ईडी ने जुटाई अलका के चुनावी खर्च व ट्रांसपोर्ट कारोबार की जानकारी
Fri, 27 Jun 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। प्रवर्तन निदेशालय ने बृहस्पतिवार को 12 घंटे तक महोली के बद्दापुर व भुड़िया में छापा मारा। सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं अलका सिंह के चुनावी खर्च की जानकारी जुटाई।
अलका सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके साथ टीम ने दिनेश प्रताप सिंह के भाई नरेंद्र सिंह की हाल में खरीदी गई जमीनों का ब्योरा जुटाया। नरेंद्र सिंह के चीनी मिल हरियावां में चल रहे ट्रांसपोर्ट कारोबार की जानकारी भी ली। सूत्र बताते हैं कि भुड़िया में राजेश सिंह के कारोबार संबंधी कई दस्तावेज टीम अपने साथ ले गई है। जमीनों की खरीद-फरोख्त की भी जांच की गई।
वर्ष 2017 में उत्तराखंड में एन एच 74 का चौड़ीकरण किया गया था। जांच एजेंसियों को पता चला कि इसमें करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई। इसमें मुख्य रूप से दिनेश प्रताप सिंह को आरोपी बनाया गया। दिनेश प्रताप सिंह उत्तराखंड में पीसीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह एक चीनी मिल के कार्यकारी निदेशक भी हैं। ईडी गहनता से जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अलका सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके साथ टीम ने दिनेश प्रताप सिंह के भाई नरेंद्र सिंह की हाल में खरीदी गई जमीनों का ब्योरा जुटाया। नरेंद्र सिंह के चीनी मिल हरियावां में चल रहे ट्रांसपोर्ट कारोबार की जानकारी भी ली। सूत्र बताते हैं कि भुड़िया में राजेश सिंह के कारोबार संबंधी कई दस्तावेज टीम अपने साथ ले गई है। जमीनों की खरीद-फरोख्त की भी जांच की गई।
विज्ञापन
वर्ष 2017 में उत्तराखंड में एन एच 74 का चौड़ीकरण किया गया था। जांच एजेंसियों को पता चला कि इसमें करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई। इसमें मुख्य रूप से दिनेश प्रताप सिंह को आरोपी बनाया गया। दिनेश प्रताप सिंह उत्तराखंड में पीसीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह एक चीनी मिल के कार्यकारी निदेशक भी हैं। ईडी गहनता से जांच कर रही है।
विज्ञापन