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1601 ग्राम पंचायतों में होगी आर्थिक गणना
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सीतापुर। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अब सातवीं आर्थिक गणना होगी। यह गणना मोबाइल एप के जरिए की जाएगी। इसके लिए 54 सौ सीएससी प्रगणक तैनात किए गए हैं। इनकी निगरानी को 813 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। जिले की 1601 ग्राम पंचायतों के 7182 प्रगणक खंडों की गणना हर हाल में 31 मार्च तक पूरा किया जाएगा। मंगलवार को जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर सातवीं आर्थिक गणना का शुभारंभ किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने सभी प्रशासनिक इकाइयों से सीएससी पर्यवेक्षकों का सहयोग करने को कहा। नागरिकों से अपील किया कि वे देश की आर्थिक गणना में सहयोग करें। सूचनाओं को न छिपाएं। उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना का सीधा लाभ देश के नागरिकों को होगा। इसलिए भ्रमित हुए बिना अपने एवं परिवार में संचालित पंजीकृत एवं अपंजीकृत उद्यमों/उद्यमियों की सूचना आर्थिक गणना प्रगणक को दें।
आर्थिक गणना का उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को स्पष्ट कर प्राप्त आंकड़ों से उचित आर्थिक नीति बनाना है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि सातवीं आर्थिक गणना प्रथम बार सीएससी द्वारा कराई जा रही है, जिसकी तैयारी छह माह से हो रही है। इस बार आर्थिक गणना मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा कराई जाएगी, जिसमें प्रत्येक प्रतिष्ठान जिओ टैग होंगे।
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उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत कार्यों का सत्यापन जनपद स्तरीय टीम से कराया जाएगा, इसलिए गणना का कार्य पूरी शुद्धता से करें। कार्यक्रम के दौरान सीएससी के जिला प्रबंधक आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में आर्थिक गणना 813 पर्यवेक्षकों के अंतर्गत 5400 प्रगणकों द्वारा कराई जा रही है। 1601 ग्राम पंचायतों में 7182 प्रगणक खंड बनाये गए हैं। 31 मार्च तक कार्य को पूर्ण किया जाना है।
इस अवसर पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रमाशंकर पाण्डेय, एनएसओ के प्रभारी वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी दामोदर प्रसाद शर्मा, सीएससी जिला प्रबंधक सीतांशु सक्सेना, आशीष शुक्ल, जिला समन्वयक मतीन अहमद समेत 150 सीएससी पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने सभी प्रशासनिक इकाइयों से सीएससी पर्यवेक्षकों का सहयोग करने को कहा। नागरिकों से अपील किया कि वे देश की आर्थिक गणना में सहयोग करें। सूचनाओं को न छिपाएं। उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना का सीधा लाभ देश के नागरिकों को होगा। इसलिए भ्रमित हुए बिना अपने एवं परिवार में संचालित पंजीकृत एवं अपंजीकृत उद्यमों/उद्यमियों की सूचना आर्थिक गणना प्रगणक को दें।
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आर्थिक गणना का उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को स्पष्ट कर प्राप्त आंकड़ों से उचित आर्थिक नीति बनाना है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि सातवीं आर्थिक गणना प्रथम बार सीएससी द्वारा कराई जा रही है, जिसकी तैयारी छह माह से हो रही है। इस बार आर्थिक गणना मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा कराई जाएगी, जिसमें प्रत्येक प्रतिष्ठान जिओ टैग होंगे।
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उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत कार्यों का सत्यापन जनपद स्तरीय टीम से कराया जाएगा, इसलिए गणना का कार्य पूरी शुद्धता से करें। कार्यक्रम के दौरान सीएससी के जिला प्रबंधक आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में आर्थिक गणना 813 पर्यवेक्षकों के अंतर्गत 5400 प्रगणकों द्वारा कराई जा रही है। 1601 ग्राम पंचायतों में 7182 प्रगणक खंड बनाये गए हैं। 31 मार्च तक कार्य को पूर्ण किया जाना है।
इस अवसर पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रमाशंकर पाण्डेय, एनएसओ के प्रभारी वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी दामोदर प्रसाद शर्मा, सीएससी जिला प्रबंधक सीतांशु सक्सेना, आशीष शुक्ल, जिला समन्वयक मतीन अहमद समेत 150 सीएससी पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।