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Sitapur News: मिश्रिख सीएचसी में भिड़े डॉक्टर, मारपीट
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मिश्रिख (सीतापुर)। मेडिकल सर्टीफिकेट को लेकर बुधवार को सीएचसी अधीक्षक व पूर्व अधीक्षक में मारपीट हो गई। अधीक्षक ने पूर्व अधीक्षक पर रिवॉल्वर तानकर पीटने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार सिंह का कहना है कि डॉ. प्रखर श्रीवास्तव पहले मिश्रिख सीएचसी के अधीक्षक रहे चुके है। बुधवार को उन्होंने फोन कर सीएचसी स्थित आवास पर बातचीत के लिए बुलाया था। करीब 3:30 बजे उनके आवास पर गए तो वह फर्जी मेडिकल सर्टीफिकेट पर साइन करने की बात कहने लगे। इससे जब इंकार किया तो उन्होंने कई गुर्गों के साथ मिलकर मारपीट की।
किसी तरह भागने की कोशिश कि प्रखर ने रिवॉल्वर तान गुर्गों के साथ मिलकर पीट दिया। किसी तरह जान बचाकर वहां से वह भागे। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रखर फर्जी सर्टीफिकेट बनाते है। इसको लेकर कई बार उनको फटकार लगाई थी। डॉ. प्रखर का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से अधीक्षक परेशान कर रहे है। वह बेवजह उन्हें गैरहाजिर कर देते हैं। सर्टीफिकेट का कोई मामला नहीं है। उन्होंने उनके आवास के गैराज पर भी दूसरों का कब्जा करवा दिया है। उन्होंने उन्हें नहीं बुलाया था। वह खुद ही गुर्गों के साथ आवास पर आए थे। उनके पास रिवॉल्वर नहीं है।
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दोनों पक्षों ने दी तहरीर
दोनों पक्षों ने थाने आकर सुलह कर लिया था। अब अधीक्षक ने फिर से तहरीर दी है। दूसरे पक्ष की तरफ से भी तहरीर मिली है। जांच चल रही है।
- जितेंद्र ओझा, इंस्पेक्टर मिश्रिख
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार सिंह का कहना है कि डॉ. प्रखर श्रीवास्तव पहले मिश्रिख सीएचसी के अधीक्षक रहे चुके है। बुधवार को उन्होंने फोन कर सीएचसी स्थित आवास पर बातचीत के लिए बुलाया था। करीब 3:30 बजे उनके आवास पर गए तो वह फर्जी मेडिकल सर्टीफिकेट पर साइन करने की बात कहने लगे। इससे जब इंकार किया तो उन्होंने कई गुर्गों के साथ मिलकर मारपीट की।
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किसी तरह भागने की कोशिश कि प्रखर ने रिवॉल्वर तान गुर्गों के साथ मिलकर पीट दिया। किसी तरह जान बचाकर वहां से वह भागे। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रखर फर्जी सर्टीफिकेट बनाते है। इसको लेकर कई बार उनको फटकार लगाई थी। डॉ. प्रखर का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से अधीक्षक परेशान कर रहे है। वह बेवजह उन्हें गैरहाजिर कर देते हैं। सर्टीफिकेट का कोई मामला नहीं है। उन्होंने उनके आवास के गैराज पर भी दूसरों का कब्जा करवा दिया है। उन्होंने उन्हें नहीं बुलाया था। वह खुद ही गुर्गों के साथ आवास पर आए थे। उनके पास रिवॉल्वर नहीं है।
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दोनों पक्षों ने दी तहरीर
दोनों पक्षों ने थाने आकर सुलह कर लिया था। अब अधीक्षक ने फिर से तहरीर दी है। दूसरे पक्ष की तरफ से भी तहरीर मिली है। जांच चल रही है।
- जितेंद्र ओझा, इंस्पेक्टर मिश्रिख