{"_id":"624c88abf63f114162793ee6","slug":"do-not-visit-hospital-for-pathalogy-diagnosis-after-11-am-sitapur-news-lko6247552149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच करानी है तो 11 बजे के बाद न आएं जिला अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच करानी है तो 11 बजे के बाद न आएं जिला अस्पताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। जिला अस्पताल में जांच के लिए सुबह 11 बजे का फॉर्मूला मरीजों के लिए मुसीबत बन गया है। कारण यह है अस्पताल में जांच कराने के लिए सुबह 11 बजे के बाद किसी भी मरीज का सैंपल नहीं लिया जाता है। इसके लिए उसे अगले दिन ही बुलाया जाता है। ऐसे में दूरदराज से आने वाले मरीजों को जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इससे मरीजों को इलाज कराने में काफी मुसीबतें उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना ओपीडी सुबह आठ बजे प्रारंभ हो जाती है, दो बजे तक इसका संचालन होता है। इस दौरान यहां पर आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है। चिकित्सक मरीज की हालत देखकर उन्हें जांच करवाने की सलाह देते है। अगर मरीज 11 बजे तक पैथालॉजी में पहुंच जाता है तब तो उसका सैंपल ले लिया जाता है। दो बजे तक उसी दिन रिपोर्ट मिल जाती है। अगर 11 बजे के बाद मरीज पहुंचता है तो उसका सैंपल नहीं लिया जाता है।
मरीज को जांच करवाने के लिए अगले दिन ही बुलाया जाता है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में जांच करवाना टेढ़ी खीर साबित होता है। मरीज गंभीर होता है तो उसके बाद जांच का सिर्फ एक ही विकल्प बचता है। वह अस्पताल के बाहर जाकर अपनी जांच करवाएं। ऐसे में गंभीर मरीज तो बाहर से जांच करवा लेते है। अन्य मरीजों को अगले दिन ही जांच करवाने के लिए आना पड़ता है। मरीजों के सामने 11 बजे का यह नियम मुसीबतें खड़ी कर रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन व खून की विभिन्न जांचें उपलब्ध हैं, लेकिन अधिकतर मरीज एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व खून की जांच के लिए परेशान दिखते हैं। खून की जांच कक्ष में काफी अधिक भीड़ उमड़ती है। इसलिए यहां पर मरीजों को जांच करवाना काफी मुसीबत भरा साबित हो रहा है। रोजाना तमाम मरीज बिना जांच कराए ही वापस लौट जाते हैं।
दूसरी जगह पर तैनात है स्टॉफ
कोविड के कारण तमाम स्टॉफ दूसरी जगहों पर लगा हुआ है। मैन पॉवर कम होने के कारण सुबह 11.30 बजे तक मरीजों के पर्चे लिए जाते हैं, जब मैन पॉवर बढ़ जाएगी तो इसका समय बढ़ा दिया जाएगा। अगर देर से सैंपल लेंगे तो उसी दिन जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी। इसी वजह से अगले दिन जांच करके दो बजे तक रिपोर्ट दे दी जाती है।
डॉ. आरके सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रोजाना ओपीडी सुबह आठ बजे प्रारंभ हो जाती है, दो बजे तक इसका संचालन होता है। इस दौरान यहां पर आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है। चिकित्सक मरीज की हालत देखकर उन्हें जांच करवाने की सलाह देते है। अगर मरीज 11 बजे तक पैथालॉजी में पहुंच जाता है तब तो उसका सैंपल ले लिया जाता है। दो बजे तक उसी दिन रिपोर्ट मिल जाती है। अगर 11 बजे के बाद मरीज पहुंचता है तो उसका सैंपल नहीं लिया जाता है।
विज्ञापन
मरीज को जांच करवाने के लिए अगले दिन ही बुलाया जाता है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में जांच करवाना टेढ़ी खीर साबित होता है। मरीज गंभीर होता है तो उसके बाद जांच का सिर्फ एक ही विकल्प बचता है। वह अस्पताल के बाहर जाकर अपनी जांच करवाएं। ऐसे में गंभीर मरीज तो बाहर से जांच करवा लेते है। अन्य मरीजों को अगले दिन ही जांच करवाने के लिए आना पड़ता है। मरीजों के सामने 11 बजे का यह नियम मुसीबतें खड़ी कर रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन व खून की विभिन्न जांचें उपलब्ध हैं, लेकिन अधिकतर मरीज एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व खून की जांच के लिए परेशान दिखते हैं। खून की जांच कक्ष में काफी अधिक भीड़ उमड़ती है। इसलिए यहां पर मरीजों को जांच करवाना काफी मुसीबत भरा साबित हो रहा है। रोजाना तमाम मरीज बिना जांच कराए ही वापस लौट जाते हैं।
दूसरी जगह पर तैनात है स्टॉफ
कोविड के कारण तमाम स्टॉफ दूसरी जगहों पर लगा हुआ है। मैन पॉवर कम होने के कारण सुबह 11.30 बजे तक मरीजों के पर्चे लिए जाते हैं, जब मैन पॉवर बढ़ जाएगी तो इसका समय बढ़ा दिया जाएगा। अगर देर से सैंपल लेंगे तो उसी दिन जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी। इसी वजह से अगले दिन जांच करके दो बजे तक रिपोर्ट दे दी जाती है।
डॉ. आरके सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल