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डिमांड के दो-तीन दिन बाद मिल रहा डीजल-पेट्रोल
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सीतापुर। पंप संचालकों को समय से डीजल-पेट्रोल मिलना मुश्किल हो रहा है। डिमांड भेजने के दो-तीन दिन बाद ही डीजल-पेट्रोल मिल पा रहा है। इस दौरान पंप बंद रहते हैं। ये हालात भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व इंडियन ऑयल के पंपों पर बने हुए हैं। प्राइवेट कंपनियों के पंपों की हालत तो बहुत ही खराब है। रिलायंस के पंप जहां बंद चल रहे हैं, वहीं एस्सार के पंपों पर भी संकट बना हुआ है।
पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से तेल की आपूर्ति में की जा रही कटौती का असर अब जिले के पंपों पर भी दिखाई दे रहा है। तेल का संकट गहराने की आशंका है। जिले में पिछले सप्ताह कई पंपों पर दो-तीन दिन तक तेल ही नहीं रहा। पंप संचालकों का कहना है कि पहले जिस दिन इनवाइस लगवाई जाती थी, उसी दिन तेल मिल जाता था। इससे पंप पर तेल का संकट नहीं होता था लेकिन अब हालात विपरीत होने लगे हैं। इन दिनों इनवायस लगाने के दो-तीन दिन बाद ही तेल मिल पाता है।
समय से तेल न मिल पाने से पंप बंद हो रहे हैं। हाल ही में नवीन गल्ला मंडी स्थित पंप पर दो दिन तक तेल नहीं था। उस दौरान वहां जाने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। इसी तरह लहरपुर-तालगांव मार्ग के पंप पर तेल न होने की वजह से एक दिन समस्या बनी रही। खैराबाद-मछरेहटा मार्ग स्थित पंप पर भी तेल समाप्त होने के बाद आने में काफी समय लग रहा है। इसी तरह के हालात कई अन्य पंपों पर बने हुए हैं।
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पंप संचालकों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से प्राइवेट कंपनियों को पंप चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। सरकारी कंपनियों को तो सरकार किसी तरह चला रही है। अगर जिले की बात की जाए तो सिधौली व अटरिया में रिलायंस के पेट्रोल पंप करीब एक माह से बंद चल रहे हैं। इसी तरह एस्सार के चार पंपों पर भी दिक्कत है। इन पंपों पर भी समय से तेल नहीं मिल पा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानपारा के पास एस्सार के पंप पर दो दिन से तेल नहीं है।
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सिंचाई न होने से फसलें सूख रही हैं। फसलों की सिंचाई के लिए डीजल की डिमांड अचानक बढ़ गई है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अगर बारिश हो जाए तो यह अतिरिक्त डिमांड समाप्त हो जाएगी। इससे डीजल की कमी नहीं होने पाएगी।
इस समय पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में देरी हो रही है। इनवायस भेजने के दो-तीन दिन बाद ही तेल मिल पाता है। कंपनियां तीन से चार दिन बाद हालात सामान्य होने की बात कह रही हैं। समय से तेल न मिलने के कारण पंप बंद करना पड़ता है।
-फरहत बेग सनी, अध्यक्ष, सीतापुर पेट्रोलियम एसोसिएशन
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पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से तेल की आपूर्ति में की जा रही कटौती का असर अब जिले के पंपों पर भी दिखाई दे रहा है। तेल का संकट गहराने की आशंका है। जिले में पिछले सप्ताह कई पंपों पर दो-तीन दिन तक तेल ही नहीं रहा। पंप संचालकों का कहना है कि पहले जिस दिन इनवाइस लगवाई जाती थी, उसी दिन तेल मिल जाता था। इससे पंप पर तेल का संकट नहीं होता था लेकिन अब हालात विपरीत होने लगे हैं। इन दिनों इनवायस लगाने के दो-तीन दिन बाद ही तेल मिल पाता है।
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समय से तेल न मिल पाने से पंप बंद हो रहे हैं। हाल ही में नवीन गल्ला मंडी स्थित पंप पर दो दिन तक तेल नहीं था। उस दौरान वहां जाने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। इसी तरह लहरपुर-तालगांव मार्ग के पंप पर तेल न होने की वजह से एक दिन समस्या बनी रही। खैराबाद-मछरेहटा मार्ग स्थित पंप पर भी तेल समाप्त होने के बाद आने में काफी समय लग रहा है। इसी तरह के हालात कई अन्य पंपों पर बने हुए हैं।
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पंप संचालकों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से प्राइवेट कंपनियों को पंप चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। सरकारी कंपनियों को तो सरकार किसी तरह चला रही है। अगर जिले की बात की जाए तो सिधौली व अटरिया में रिलायंस के पेट्रोल पंप करीब एक माह से बंद चल रहे हैं। इसी तरह एस्सार के चार पंपों पर भी दिक्कत है। इन पंपों पर भी समय से तेल नहीं मिल पा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानपारा के पास एस्सार के पंप पर दो दिन से तेल नहीं है।
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सिंचाई न होने से फसलें सूख रही हैं। फसलों की सिंचाई के लिए डीजल की डिमांड अचानक बढ़ गई है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अगर बारिश हो जाए तो यह अतिरिक्त डिमांड समाप्त हो जाएगी। इससे डीजल की कमी नहीं होने पाएगी।
इस समय पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में देरी हो रही है। इनवायस भेजने के दो-तीन दिन बाद ही तेल मिल पाता है। कंपनियां तीन से चार दिन बाद हालात सामान्य होने की बात कह रही हैं। समय से तेल न मिलने के कारण पंप बंद करना पड़ता है।
-फरहत बेग सनी, अध्यक्ष, सीतापुर पेट्रोलियम एसोसिएशन