{"_id":"628297986e40957e8b331649","slug":"devotees-take-a-dip-in-chakratirth-sitapur-news-lko6309006139","type":"story","status":"publish","title_hn":"चक्रतीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चक्रतीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
विज्ञापन
नैमिषारण्य में वैशाख पूर्णिमा पर चक्रतीर्थ में स्नान करते श्रद्घालु। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैमिषारण्य/सीतापुर। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ व गोमती नदी में डुबकी लगाई। उसके बाद विभिन्न मठ मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन किए। घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भोर चार बजे से आदि गंगा गोमती तट पर तमाम श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह चक्रतीर्थ में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान पूजन के बाद परंपरा के अनुसार गाय और तुलसी का विधि विधान से पूजन किया। श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी।
इसके बाद भक्तों ने मां ललिता देवी के पावन चरणों में शीश नवाया। इसके साथ ही व्यास गद्दी, हनुमान गढ़ी, कालीपीठ, सूत गद्दी, शौनक गद्दी, देवदेवेश्वर धाम, भूतेश्वर नाथ आदि देव स्थानों में दर्शन पूजन किया। दर्शन पूजन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। नैमिषारण्य में काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। कई बार सड़कों पर वाहन खड़े होने की वजह से जाम की भी समस्या बनी रही।
विज्ञापन
सुबह से ही दिखा मनोरम दृश्य
नैमिषारण्य में जहां आम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम दिखाई देती थी, सोमवार भोर को पूर्णिमा की वजह से सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। नैमिषारण्य कस्बे के प्रत्येक मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। इसकी वजह से तड़के से ही दुकानें खुल गई थी। चक्रतीर्थ पर प्रसाद वालों की दुकानें गुलजार रहीं। खानपान की दुकानों पर भीड़ नजर आई।
विज्ञापन
वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भोर चार बजे से आदि गंगा गोमती तट पर तमाम श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह चक्रतीर्थ में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान पूजन के बाद परंपरा के अनुसार गाय और तुलसी का विधि विधान से पूजन किया। श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी।
विज्ञापन
इसके बाद भक्तों ने मां ललिता देवी के पावन चरणों में शीश नवाया। इसके साथ ही व्यास गद्दी, हनुमान गढ़ी, कालीपीठ, सूत गद्दी, शौनक गद्दी, देवदेवेश्वर धाम, भूतेश्वर नाथ आदि देव स्थानों में दर्शन पूजन किया। दर्शन पूजन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। नैमिषारण्य में काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। कई बार सड़कों पर वाहन खड़े होने की वजह से जाम की भी समस्या बनी रही।
विज्ञापन
सुबह से ही दिखा मनोरम दृश्य
नैमिषारण्य में जहां आम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम दिखाई देती थी, सोमवार भोर को पूर्णिमा की वजह से सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। नैमिषारण्य कस्बे के प्रत्येक मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। इसकी वजह से तड़के से ही दुकानें खुल गई थी। चक्रतीर्थ पर प्रसाद वालों की दुकानें गुलजार रहीं। खानपान की दुकानों पर भीड़ नजर आई।