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तिहरे हत्याकांड में 19 साल बाद छह को उम्रकैद
Amarujala Bureau
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:26 PM IST
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जनपद न्यायाधीश निसामुद्दीन ने चुनावी रंजिश में 20 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि मामले के चार आरोपी संदेह का लाभ पाकर बरी हो गए। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर यादव ने की।
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बताते हैं कि रेउसा के ग्राम सालपुर में चुनाव में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर 30 सितंबर 1998 को गांव के ही गयादत्त, रामखेलावन व कुमोदनी की हत्या कर दी गई थी। मामले में गयादत्त के पुत्र धर्मेंद्र कुमार अवस्थी ने पिता के खिलाफ प्रधानी का चुनाव लड़ चुके डॉ. माधवराम मिश्र उनके पुत्र व तत्कालीन प्रधान पंकज उर्फ पदमेंद्र, राजीव, संजीव, उमेश, अनूप, गिरिजा शंकर, प्रेमशंकर, शिवशंकर व रमेश के खिलाफ रेउसा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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वादी के मुताबिक कत्ल के दिन गयादत्त अपने दूसरे बेटे राजकुमार के साथ नवरात्र के समापन पर निमंत्रण खाने जा रहे थे। तभी गिरिजाशंकर के मकान के सामने दोषियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। शोर सुनकर रामखेलावन दीक्षित, उनकी पत्नी कुमोदिनी आदि भी आ गईं। इस फायरिंग में गयादत्त व रामखेलावन की मौके पर ही मौत हो गई।
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जबकि कुमोदनी को आरोपियों ने खींचकर तालाब में फेंक दिया था। डूबकर उसकी भी मौत हो गई। बवाल में वादी धर्मेंद्र को भी चोटें आईं। मामले में अभियुक्त पक्ष की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट में दस लोगों के विरुद्ध मुकदमा चलाया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चार आरोपियों माधवराम, पंकज, संजीव व रमेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि शेष छह को कत्ल के लिए दोषी ठहराया। कोर्ट ने सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि अपील की मियाद बीतने के बाद तीनों मृतकों के वारिसों को 20-20 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान करने को कहा।