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प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत
Amarujala Bureau
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:26 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मारूबेहड़ क्षेत्र में गुरुवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। बच्चे का जन्म रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। जबकि महिला ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने रेउसा सीएचसी के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतते हुए दो हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
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रेउसा के ग्राम मरखापुर निवासी योगेश की पत्नी अर्चना देवी (20) गर्भवती थी। गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। यहां पर अर्चना ने एक बच्ची को जन्म दिया पर कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। थोड़ी देर बाद प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। डॉक्टरों ने आननफानन उसे सीतापुर महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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परिवार के लोग सरकारी एंबुलेंस से उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज शुरू होने से पहले की महिला ने दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत के बाद परिवार ने हंगामा करते हुए रेउसा स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर दो हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।
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परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने दो हजार रुपये मिलने के बाद ही प्रसूता को हाथ लगाया। जिसके चलते इलाज में देरी हो गई और जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिवार के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों का कहना है कि महिला ने मृत बच्ची को जन्म दिया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
नाजुक थी महिला की हालत
महिला की हालत नाजुक थी। उसने मृत बच्ची को जन्म दिया। ब्लीडिंग अधिक हो रही थी। जिसकी वजह से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पवन वर्मा, अधीक्षक
जांच कराई जाएगी
घटना की जानकारी मिली है। इस मामले में जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. हरगोविंद सिंह, सीएमओ