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सिंथेटिक कलर मिला बनाता था पापड़ी

Sat, 09 Sep 2017 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 09 Sep 2017 11:35 PM IST
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Papadi made by synthetic color

जनपद में खाद्य पदार्थो में मिलावटखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। मिश्रिख इलाके में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से लिए गए पापड़ी का नमूना अनसेफ मिला है। यह नमूना स्टे्रट व सेंट्रल दोनो लैब में मानव जीवन के लिए हानिकारक साबित हुआ है। इस पर विभाग ने वाद संस्तुति के लिए फाइल आयुक्त को भेज दी है।

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खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र नाथ वर्मा ने 24 अक्तूबर को मिश्रिख में नहर चौराहे के निकट धीरज कश्यप की मिठाई की दुकान पर छापा मारा था। यहां पापड़ी में मिलावट की आशंका को देखते हुए इनका नमूना भरा था। राजकीय प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में यह अनसेफ मिला था।
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इसमें सिंथेटिक कलर की मिलावट मिली थी। हालांकि व्यापारी ने रिपोर्ट को चैलेंज कर दिया था। सेंट्रल लैब गाजियाबाद में इसकी दोबारा जांच हुई। इसमें भी सिंथेटिक कलर की मिलावट मिली है। जिस पर विभाग ने वाद संस्तुति के लिए फाइल आयुक्त लखनऊ को भेज दी है।  
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जिला अस्पताल के डॉ. जेएन सिंह कहना है कि चिकित्सक, खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक कलर की मिलावट शरीर पर कुप्रभाव डालती है। इसका लगातार सेवन करने से लीवर, फेफड़े व आंतों में दिक्कत आ जाती है। इससे पाचन तंत्र खराब हो जाता है।अभिहित अधिकारी अरविंद कुमार यादव का कहना है कि सेंट्रल लैब की जांच में पापड़ी का नमूना अनसेफ मिला है। वाद संस्तुति के लिए फाइल आयुक्त को भेजी जा रही है। अब न्यायालय में केस चलेगा।

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