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जिले में धधक रहीं शराब की अवैध भट्ठियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:24 PM IST
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कच्ची शराब तैयार करते लोग
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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद भी जिले में अवैध शराब की भट्ठियां लाख दावों के बाद भी धधक रहीं हैं। जबकि पिछले दिनों आजमगढ़ में शराब पीने से कई लोग अपनी जान गवां बैठे थे। पुलिस ने कुछ दिन तक तो छापेमारी का ढोंग दिखाया लेकिन उसके बाद सब कुछ पुराने ढर्रे पर चलने लगा। नतीजतन शनिवार को खैराबाद में जहरीली शराब पीने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। जबकि दो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
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जिले में शराब के अवैध कारोबारियों का बोलबाला है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के भूड़ इलाके, गोमती की कछारों से लेकर बहराइच, बाराबंकी की सीमा को छूने वाली जिले के तराई बेल्ट तक कच्ची शराब का अवैध कारोबार उद्योग बन चुका है। जिले के दर्जनों गांवों में शराब की भट्ठियां धधक रही हैं। जिले में बनी कच्ची शराब की सप्लाई लखनऊ तक होती है।
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आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते जिले में हो रहे अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने की विभाग के पास कोई रणनीति नहीं है। औपचारिकता के नाम पर कभी कभार विभागीय जिम्मेदार छापेमारी करते हैं। उन्हें शायद बड़े हादसे का इंतजार रहता है। जिले के 25 थाना क्षेत्रों में कच्ची शराब का कारोबार हो रहा है। कच्ची शराब बनाने वाले लोग छोटे स्तर पर शराब बनाकर ग्रामीण अंचलों में उसकी सप्लाई करते हैं।
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कुछ लोगों ने इस अवैध कारोबार को वृहद रूप से करना शुरू कर दिया है। जिले के रामपुर मथुरा, रेउसा, रामपुर कलां, पिसावां, मिश्रिख, संदना, सिधौली, तम्बौर, अटरिया, महोली, इमलिया सुल्तानपुर आदि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोग ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब बनाते हैं। हालांकि पुलिस व आबकारी अधिकारियों का दावा है कि कहीं भी कच्ची शराब नहीं बनती है। इसकी सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाती है।
जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के कई मामले सीतापुर में भी सामने आ चुके हैं। जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। रामपुर मथुरा इलाके के गोंडा देवरिया गांव में साल 2016 में रामलखन की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। इस गांव में शराब का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी रहा।
इसी क्षेत्र के गोंडा देवरिया गांव के ही निवासी देव नारायन सिंह की लगभग दो साल पूर्व जहरीली शराब पीने की वजह से मौत हो गई थी। यहीं के योगेंद्र पुत्र बचान के परिवारीजन ने आरोप लगाया था कि योगेंद्र की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है, लेकिन बाद में यह मामला भी ठंडा पड़ गया था। अब गोंडा देवरिया गांव कच्ची शराब निर्माण के लिए पहचाना जाने लगा है।
खैराबाद के अमीरनगर में शराब पीने से हालत बिगडने की वजह से सदर अस्पताल में भर्ती दोनों युवकों का उपचार डा. एके टंडन कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती प्रकाश व मुन्नीलाल का इलाज करने वाले चिकित्सक ने बताया कि प्रकाश व मुन्नीलाल जितनी शराब पीने की बात कह रहे हैं, आमतौर पर इतनी शराब पीने से किसी की हालत नहीं बिगड़ती, लेकिन मामला जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जहरीली शराब से मरने वाले ओरीलाल अपने परिवार का गुजर-बसर खेती से करता था। उसकी पारिवारिक स्थित बहुत ठीक नहीं है। गरीबी के चलते ओरीलाल मजदूरी भी कर लेता था। उसके परिवार में पत्नी मीना देवी व चार बच्चे हैं। पुत्र रामसागर (18), विकास (15), विशाल (12) व बेटी पिंकी (7) का रो-रोकर बुरा है। ओरीलाल की मौत से अब उसके परिवार के सामने जीविका चलाने का संकट पैदा हो गया है।