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स्पर्श होटल का आधा हिस्सा मलबे में तब्दील
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:45 PM IST
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होटल स्पर्श पर चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
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सपा विधायक रामपाल यादव के बेटे व जिला पंचायत अध्यक्ष के साझीदारी वाले करोड़ों की लागत से बने स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स को मलबे में तब्दील करने के लिए शनिवार को भी प्रशासनिक बुल्डोजर गरजते रहे। अब तक होटल का आधा हिस्सा तबाह कर दिया गया। होटल को ढहाने में प्रशासन को पसीना बहाना पड़ा। कई बार मशीनें तकनीबी खराबी के कारण बंद हो गईं।
गुरुवार शाम से स्पर्श होटल को अवैध करार देते हुए प्रशासन ने ढहाने की शुरुआत की थी। यह कार्रवाई उस दिन तो कुछ घंटे बाद खत्म कर दी गई थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे से युद्ध स्तर पर होटल को तोड़ने का काम चल रहा है। अब तक होटल का आधे से ज्यादा हिस्सा मलबा बन चुका है। जबकि मल्टीप्लेक्स को तोड़ने के लिए दो-दो पोकलैंड लगी हुई हैं।
उसके आगे से शोदार बने गोल पिलर ढहा दिए गए हैं। खिड़कियों को तोड़ कर उन्हें और बड़ा कर दिया गया है। हालांकि भूकंप रोधी बनी इस बिल्डिंग को तोड़ने में मशीनों को छींकें आ रही हैं। मशीनें कई बार तकनीकी खराबी के कारण बंद भी रहीं। माना जा रहा है कि भवन को पूरी तरह जमींदोज करने में अभी कई और दिन लग सकते हैं।
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सीतापुर के इतिहास मेें अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
जानकार व बुजुर्गों की मानें तो सीतापुर जिले में किसी रसूखदार नेता के खिलाफ यह शायद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। लोग बताते हैं कि यहां के कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तो हुईं, लेकिन किसी का इतना नुकसान नहीं किया गया। इसीलिए मौके पर जाकर लोग नजारा देखने के साथ ही कैमरे में भी कैद करते देखे जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी जुटेंगे
स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स ढहाने में आ रही दिक्कतों व देरी के चलते अब जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को भी लगाने की तैयारी की है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की मौजूदगी में अवैध निर्माण ढहाया जाएगा, ताकि उसको सावधानी के साथ जल्दी तोड़ा जा सके और तोड़ने के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी न होने पाए।
मालिकों से वसूलना होगा अवैध निर्माण ढहाने का खर्च
फिलवक्त भले ही जिला प्रशासन अपने स्तर से अवैध तरीके से बने स्पर्श मल्टीप्लेक्स व होटल को ढहाने का काम कर रहा हो, लेकिन ढहाने में आने वाला खर्च मालिकों से ही वसूला जाएगा। एडीएम सर्वेश दीक्षित ने बताया कि अवैध निर्माण ढहाने के लिए कई जेसीबी व पोकलैंड आने वाला खर्च भवन मालिकों को ही वहन करना होगा। उन्होंने बताया कि करीब चार से पांच लाख रुपये इसको ढहाने में खर्च आएगा।
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गुरुवार शाम से स्पर्श होटल को अवैध करार देते हुए प्रशासन ने ढहाने की शुरुआत की थी। यह कार्रवाई उस दिन तो कुछ घंटे बाद खत्म कर दी गई थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे से युद्ध स्तर पर होटल को तोड़ने का काम चल रहा है। अब तक होटल का आधे से ज्यादा हिस्सा मलबा बन चुका है। जबकि मल्टीप्लेक्स को तोड़ने के लिए दो-दो पोकलैंड लगी हुई हैं।
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उसके आगे से शोदार बने गोल पिलर ढहा दिए गए हैं। खिड़कियों को तोड़ कर उन्हें और बड़ा कर दिया गया है। हालांकि भूकंप रोधी बनी इस बिल्डिंग को तोड़ने में मशीनों को छींकें आ रही हैं। मशीनें कई बार तकनीकी खराबी के कारण बंद भी रहीं। माना जा रहा है कि भवन को पूरी तरह जमींदोज करने में अभी कई और दिन लग सकते हैं।
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सीतापुर के इतिहास मेें अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
जानकार व बुजुर्गों की मानें तो सीतापुर जिले में किसी रसूखदार नेता के खिलाफ यह शायद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। लोग बताते हैं कि यहां के कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तो हुईं, लेकिन किसी का इतना नुकसान नहीं किया गया। इसीलिए मौके पर जाकर लोग नजारा देखने के साथ ही कैमरे में भी कैद करते देखे जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी जुटेंगे
स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स ढहाने में आ रही दिक्कतों व देरी के चलते अब जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को भी लगाने की तैयारी की है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की मौजूदगी में अवैध निर्माण ढहाया जाएगा, ताकि उसको सावधानी के साथ जल्दी तोड़ा जा सके और तोड़ने के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी न होने पाए।
मालिकों से वसूलना होगा अवैध निर्माण ढहाने का खर्च
फिलवक्त भले ही जिला प्रशासन अपने स्तर से अवैध तरीके से बने स्पर्श मल्टीप्लेक्स व होटल को ढहाने का काम कर रहा हो, लेकिन ढहाने में आने वाला खर्च मालिकों से ही वसूला जाएगा। एडीएम सर्वेश दीक्षित ने बताया कि अवैध निर्माण ढहाने के लिए कई जेसीबी व पोकलैंड आने वाला खर्च भवन मालिकों को ही वहन करना होगा। उन्होंने बताया कि करीब चार से पांच लाख रुपये इसको ढहाने में खर्च आएगा।