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कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी

Thu, 21 Apr 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 21 Apr 2016 12:07 AM IST
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 Debt-ridden farmers hang himself
फांसी - फोटो : अमर उजाला
महोली कोतवाली क्षेत्र के मूड़ाहूसा गांव में  कर्ज में डूबे किसान झिनकू (45) ने मंगलवार रात फांसी लगा ली। उसका शव खेत में शीशम के पेड़ से लटकता मिला। झिनकू ने किसान क्रेडिट कार्ड से आठ साल पहले 30 हजार रुपये कर्ज लिया था।
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तंगी, बेटे की बीमारी और फिर फसल बर्बादी से वह कर्ज चुकता नहीं कर सका। बेटे के इलाज के लिए भी उसने ढाई लाख रुपये और कर्ज ले रखा था। कर्ज चुकता नहीं कर पाने से बैंक का नोटिस आ रहा था। वहीं मौके पर पहुंचे सीओ सदर उमाशंकर सिंह का कहना है कि बेटे की बीमारी के चलते उसने खुदकुशी की। बहरहाल मामले की जांच की जा रही है।
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भाई चिटकू का कहना है कि झिनकू के पास दस बीघा जमीन है, पर इसमें छह बीघा ही खेती लायक है। पिछले साल ओले गिरने से झिनकू की फसल बर्बाद हो गई थी। बड़ागांव स्थित बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड से लिया गया 30 हजार रुपये का कर्ज चुकता नहीं कर पाने से कर्ज बढ़कर दो लाख रुपये हो गया। वहीं बेटा महेंद्र बीमार पड़ गया। उसके इलाज में ढाई लाख रुपये और कर्ज हो गए। बच्चों को पालने के लिए उसे मजदूरी तक करनी पड़ी।
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कर्ज पाटने को करनी पड़ी थी मजदूरी 
कर्ज में डूबे किसान झिनकू के पास कुल 10 बीघा जमीन थी। उसमें से सिर्फ छह बीघा जमीन पर ही फसल उगती थी। पर लगातार फसल खराब होने से उसकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी।

महोली के मूड़ाहूसा के लोगों की मानें तो झिनकू काफी मेहनती था। उसने 30 हजार रुपये का लोन लिया था और समय से कर्ज चुकाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था लेकिन फसल खराब होने से वह कर्ज में डूबता चला गया। उसकी चार बीघा जमीन उपजाऊ नहीं थी।

जिसके कारण छह बीघा जमीन पर ही उसके परिवार का गुजर बसर होता था। पिछले साल ओलावृष्टि ने झिनकू को और भी आर्थिक रूप से तंग बना दिया था।  वहीं बेटे की बीमारी में भी काफी पैसा लग गया था।


लगातार परेशानियों से घिरे रहने के कारण वह काफी परेशान रहने लगा था। खेती के साथ उसने मजदूरी भी की। ग्रामीणों की मानें तो काफी मेहनत के बाद भी रोटी का इंतजाम करना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। 
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